हमास के निरस्त्रीकरण समझौते को लेकर इजराइल ने जताई गंभीर सुरक्षा चिंताएं
हमास के निरस्त्रीकरण समझौते को लेकर इजराइल ने जताई गंभीर सुरक्षा चिंताएं
तेल अवीव, दो अगस्त (एपी) इजराइल ने हमास के साथ प्रस्तावित निरस्त्रीकरण समझौते को लेकर व्हाइट हाउस के समक्ष ‘‘गंभीर सुरक्षा चिंताएं’’ जताई हैं। इजराइली प्रधानमंत्री कार्यालय के एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इस सप्ताह की शुरुआत में समझौते की घोषणा के बाद यह इजराइल की पहली सार्वजनिक प्रतिक्रियाओं में से एक है।
इजराइली प्रधानमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता डोरोन स्पीलमैन ने ‘एसोसिएटेड प्रेस’ से कहा कि इजराइल की खुफिया एजेंसियों का आकलन है कि हमास वास्तव में निरस्त्रीकरण नहीं, बल्कि अपनी सैन्य क्षमता को फिर से मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि जब तक हमास पूरी तरह हथियार नहीं डाल देता, तब तक इजराइली सेना गाजा से पीछे नहीं हटेगी। फिलहाल गाजा के 60 प्रतिशत से अधिक हिस्से पर इजराइली सेना का नियंत्रण है।
स्पीलमैन ने कहा, ‘‘हमारा आकलन है कि यदि हमास के पूरी तरह निरस्त्र होने से पहले हम अपनी सेना पीछे हटाते हैं, तो वह जल्द ही पूरे गाजा में अपनी मौजूदगी बढ़ा लेगा, अपने आतंकवादी ढांचे को फिर से खड़ा करेगा, इजराइली समुदायों के लिए दोबारा खतरा बनेगा और सात अक्टूबर 2023 जैसे हमले की फिर कोशिश करेगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘निरस्त्रीकरण का मतलब है हथियारों का पूरी तरह समर्पण। इससे कम कुछ भी स्वीकार्य नहीं है।’’
स्पीलमैन की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब कुछ दिन पहले हमास ने कहा था कि लगभग तीन वर्षों से जारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए नौ महीने पहले हुए अमेरिका की मध्यस्थता वाले युद्धविराम समझौते के तहत वह निरस्त्रीकरण की प्रक्रिया शुरू करेगा।
हालांकि, इसे संघर्ष समाप्त करने की दिशा में संभावित बड़ी सफलता माना जा रहा है, लेकिन इसके सामने अब भी कई शर्तें, बाधाएं और लंबी प्रक्रिया मौजूद है।
ट्रंप के 20 सूत्री युद्धविराम योजना में हमास से हथियार डालने और उसकी सुरंगों के व्यापक नेटवर्क को नष्ट करने को कहा गया है। योजना में इजराइली सेना की गाजा से चरणबद्ध वापसी, एक नई तकनीकी विशेषज्ञों वाली फलस्तीनी सरकार का गठन, अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बल की तैनाती और गाजा के पुनर्निर्माण का भी प्रस्ताव है।
हमास का निरस्त्रीकरण कई महीनों से बातचीत में सबसे बड़ा गतिरोध बना हुआ था। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर समझौते की घोषणा करते हुए कहा था कि इसे ‘‘सावधानीपूर्वक तय किए गए चरणों’’ में लागू किया जाएगा।
एपी को प्राप्त और सत्यापित समझौते की प्रति के अनुसार, गाजा पहुंचने के बाद हमास के नियंत्रण वाली पुलिस के सभी हथियार अमेरिका समर्थित फलस्तीनी तकनीकी समिति ‘नेशनल कमेटी फॉर द एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ गाजा’ को सौंप दिए जाएंगे। हालांकि, फिलहाल स्पष्ट नहीं है कि यह कब होगा, क्योंकि यह अन्य चरणों के पूरा होने पर निर्भर करेगा।
समझौते के अनुसार, फलस्तीनी समिति के गाजा पहुंचने और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती के बाद भारी हथियारों को निष्क्रिय करके सुरक्षित रखने, हथियार निर्माण स्थलों और सुरंगों को नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू होगी। यह प्रक्रिया इजराइली सेना की चरणबद्ध वापसी से जुड़ी होगी।
गाजा के जिन क्षेत्रों पर इजराइल का नियंत्रण है, वे बड़े पैमाने पर नष्ट हो चुके हैं और अधिकांश आबादी वहां से जा चुकी है। गाजा के करीब 20 लाख फलस्तीनियों में से अधिकांश अन्य क्षेत्रों में रह रहे हैं, जहां बड़ी संख्या में लोग अस्थायी तंबू शिविरों और तबाह बस्तियों में रहने को मजबूर हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि अक्टूबर में होने वाले चुनाव से पहले इजराइल के लिए अपनी सेना की बड़ी वापसी या अन्य रियायतें देना आसान नहीं होगा।
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को कड़े चुनावी मुकाबले का सामना करना पड़ सकता है। विपक्ष उन पर सात अक्टूबर 2023 के हमले को रोकने में विफल रहने का आरोप लगा रहा है, जबकि उनके दक्षिणपंथी गठबंधन सहयोगी हमास पर सैन्य दबाव बनाए रखने और गाजा में सेना की मौजूदगी जारी रखने की मांग कर रहे हैं।
स्पीलमैन ने कहा कि इजराइल ट्रंप की सुरक्षा प्रतिबद्धता और स्थायी समाधान के प्रयासों की सराहना करता है, लेकिन सरकार का रुख विस्तृत खुफिया जानकारी पर आधारित है, जिसके अनुसार हमास लगातार नए लड़ाकों की भर्ती कर रहा है, हथियार जुटा रहा है और अपनी सैन्य क्षमता फिर से विकसित कर रहा है।
यह स्पष्ट नहीं है कि इजराइल ने व्हाइट हाउस के सामने कौन-कौन सी विशेष आपत्तियां रखी हैं।
समझौते की जानकारी रखने वाले दो लोगों ने एपी को बताया कि इजराइल ने अपनी चिंताएं ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर तक भी पहुंचाई हैं, जो ट्रंप के नेतृत्व वाले ‘बोर्ड ऑफ पीस’ का हिस्सा हैं।
इनमें से एक व्यक्ति ने कहा कि इजराइल चाहता है कि उसे गाजा में सैन्य अभियान चलाने की स्वतंत्रता भी मिले। दोनों ने पहचान उजागर नहीं करने की शर्त पर यह जानकारी दी।
पिछले वर्ष अक्टूबर में युद्धविराम समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद भी इजराइल ने गाजा पर हमले जारी रखे हैं। उसका कहना है कि उसके निशाने पर हमास और उसका सैन्य ढांचा है।
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, शनिवार रात से रविवार तक हुए इजराइली हमलों में बच्चों समेत कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई।
दक्षिणी गाजा में एक रिहायशी इमारत पर हुए हमले में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई, जिनमें चार वर्ष का एक बच्चा भी शामिल था।
इजराइली सेना ने कहा कि रातभर किए गए हमले हमास के सैन्य ठिकानों और लड़ाकों को निशाना बनाकर किए गए, हालांकि उसने इसके बारे में अधिक जानकारी नहीं दी।
एपी अमित दिलीप
दिलीप

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