पाकिस्तान के हिंदू अधिकार संगठन ने अल्पसंख्यकों के लिए संवैधानिक गारंटी लागू करने की मांग की
पाकिस्तान के हिंदू अधिकार संगठन ने अल्पसंख्यकों के लिए संवैधानिक गारंटी लागू करने की मांग की
पेशावर, दो अगस्त (भाषा) पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में हिंदुओं के अधिकारों के लिए काम करने वाले एक संगठन ने जागरूकता अभियान शुरू करने की घोषणा की है। इसका मकसद प्रांतीय सरकार से यह मांग करना है कि वह अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए सभी संवैधानिक गारंटी को लागू करे।
शनिवार को ‘ऑल वाल्मीकि हिंदू कम्युनिटी खैबर पख्तूनख्वा’ (एबीएचसीकेपी) के अध्यक्ष चुने गए जाने-माने अल्पसंख्यक अधिकार कार्यकर्ता हारून सरब दयाल (55) ने कहा कि समुदाय को अब भी कानूनी सुरक्षा और समान अवसरों से जुड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने सरकार से अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने की अपील की।
दयाल, संघीय धार्मिक मामलों के मंत्रालय के तहत आने वाली ‘पाकिस्तान हिंदू मंदिर प्रबंधन समिति’ के सदस्य हैं।
एक दशक से भी ज्यादा पुराने संगठन एबीएचसीकेपी ने शनिवार को कोहाट जिले में एक प्रांतीय बैठक की। इसमें प्रांत में वाल्मीकि हिंदू समुदाय के सामने आ रही चुनौतियों और उनके कल्याण व संवैधानिक अधिकारों के लिए भविष्य की रूपरेखा पर चर्चा की गई।
इस बैठक में पूरे खैबर पख्तूनख्वा से प्रतिनिधि शामिल हुए, जिनमें समुदाय के सरपंच, वाल्मीकि सभाओं के स्थानीय अध्यक्ष, पुजारी, धार्मिक विद्वान, वकील, सामाजिक कार्यकर्ता, सरकारी अधिकारी, शिक्षाविद, शिक्षक, व्यवसायी और युवा प्रतिनिधि शामिल थे।
एबीएचसीकेपी के अध्यक्ष दयाल ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि बैठक में शामिल लोगों ने संवैधानिक सुरक्षा उपायों, कानूनी सुधारों, सामाजिक समावेश और समुदाय को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।
सभा को संबोधित करते हुए दयाल ने कहा कि पाकिस्तान में कई अन्य अल्पसंख्यक समुदायों की तरह, वाल्मीकि हिंदू समुदाय को भी कानूनी सुरक्षा, नागरिक पंजीकरण, शिक्षा और समान अवसरों से जुड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने अपने अधिकारों को लेकर प्रांत में जागरूकता अभियान शुरू करने की भी घोषणा की।
भाषा शफीक प्रशांत
प्रशांत

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