(हरिंदर मिश्रा)
यरुशलम, 24 फरवरी (भाषा) इजराइल में विपक्ष ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मौजूदा राजनीतिक संकट का समाधान करने का आग्रह किया, ताकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘नेसेट’ (इजराइली संसद) में संबोधन के दौरान उसकी भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
रक्षा और व्यापार सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से मोदी बुधवार से इजराइल का दो-दिवसीय दौरा करेंगे।
मोदी के कार्यक्रमों में इजराइल की संसद को संबोधित करना, अपने समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू के साथ व्यापक वार्ता और राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग से मुलाकात शामिल है।
इजराइल का विपक्ष प्रोटोकॉल के अनुसार मांग कर रहा है कि देश के उच्चतम न्यायालय के अध्यक्ष यिजाक अमित को प्रधानमंत्री मोदी के संसद में संबोधन के लिए आमंत्रित किया जाए, अन्यथा वे कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे।
संसद के अध्यक्ष अमीर ओहाना ने स्पष्ट किया है कि यिजाक अमित को भाषण में शामिल होने के लिए आमंत्रित नहीं किया गया है।
विपक्ष के नेता यैर लैपिड ने अपने फेसबुक हैंडल पर पोस्ट किया, ‘‘भारतीय प्रधानमंत्री मोदी के नेसेट दौरे में अब 24 घंटे शेष हैं और प्रधानमंत्री ने अभी तक (स्पीकर) अमीर ओहाना द्वारा उच्चतम न्यायालय और विपक्ष का बहिष्कार करने के फैसले से उत्पन्न संकट को हल करने के लिए कुछ नहीं किया है।’’
उन्होंने लिखा, ‘‘प्रधानमंत्री नेतन्याहू, आपने कल कहा था कि यह देश के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण है और यह राजनीति का समय नहीं है, बल्कि चुनौतियों का सामना करने के लिए एकजुट होने का समय है।’’
उन्होंने आग्रह किया, ‘‘ओहाना को फोन कीजिए, उनसे कहिए कि वह उच्चतम न्यायालय के अध्यक्ष को आमंत्रित करें, हमें उस कार्यक्रम में आने की अनुमति दें, जिसमें हमें उपस्थित होना आवश्यक है और हम उपस्थित होना चाहते हैं।’
भाषा सुभाष सुरेश
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