गौरव ‘गलती से’ फिलीपीन पर समिति में शामिल किए गए, उन्हें पाकिस्तानी समूह में होना चाहिए था: हिमंत

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गौरव ‘गलती से’ फिलीपीन पर समिति में शामिल किए गए, उन्हें पाकिस्तानी समूह में होना चाहिए था: हिमंत

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  • Publish Date - February 24, 2026 / 10:17 PM IST,
    Updated On - February 24, 2026 / 10:17 PM IST

गुवाहाटी, 24 फरवरी (भाषा) असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने मंगलवार को तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई को फिलीपीन पर संसदीय मैत्री समिति के बजाय ‘भारत-पाकिस्तान’ समूह में शामिल किया जाना चाहिए था। माना जा रहा कि यह टिप्पणी उन्होंने विपक्षी नेता पर ‘पाकिस्तानी एजेंट’ होने के अपने आरोप के संदर्भ में की।

वहीं, प्रदेश कांग्रेस ने कहा कि ‘भारत-फिलीपीन संसदीय मैत्री समूह’ के प्रमुख के रूप में उसके अध्यक्ष का नामांकन ऐसे समय में हुआ है जब मुख्यमंत्री गोगोई के खिलाफ ‘दुर्भावनापूर्ण अभियान चला रहे हैं।’

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘उन्हें भारत-पाकिस्तान समूह दिया जाना चाहिए था। गलती से उन्हें भारत-फिलीपीन समूह दे दिया गया।’’ जोरहाट जिले के मारियानी में एक आधिकारिक कार्यक्रम के इतर पत्रकारों से बातचीत में शर्मा ने नियुक्ति के बारे में पूछे जाने पर यह टिप्पणी की।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोमवार को 60 से अधिक देशों के साथ संसदीय मैत्री समूहों का गठन किया था, जिनमें विभिन्न विपक्षी सदस्य शामिल थे। निचले सदन में कांग्रेस के उपनेता और जोरहाट के सांसद गोगोई को फिलीपीन के समूह का प्रमुख बनाया गया।

प्रदेश कांग्रेस ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में आधिकारिक पत्र साझा करते हुए कहा, ‘यह ऐसे समय में हुआ है, जब असम के मुख्यमंत्री हमारे नेता के खिलाफ दुर्भावनापूर्ण अभियान चला रहे हैं- उन्हें ‘पाकिस्तानी एजेंट’ तक कह रहे हैं । यह वही आरोप है, जिसे हिमंत विश्व शर्मा ने आठ फरवरी को अपनी ‘ऐतिहासिक’ सुपर फ्लॉप प्रेस वार्ता में खुद ही खारिज कर दिया था।’’

पोस्ट में कहा गया ‘असम की जनता उचित समय आने पर मुख्यमंत्री को इसका उचित जवाब देगी। तब तक सच्चाई उनका पीछा करती रहेगी।’

राज्य में विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच, मुख्यमंत्री और भाजपा गोगोई पर पाकिस्तान से उनके संबंध होने का आरोप लगा रहे हैं।

भाषा आशीष रंजन

रंजन