अहिंसक, शांतिपूर्ण प्रदर्शन का सम्मान करना जरूरी: संरा के प्रमुख प्रवक्ता ने किसान प्रदर्शन पर कहा

अहिंसक, शांतिपूर्ण प्रदर्शन का सम्मान करना जरूरी: संरा के प्रमुख प्रवक्ता ने किसान प्रदर्शन पर कहा

अहिंसक, शांतिपूर्ण प्रदर्शन का सम्मान करना जरूरी: संरा के प्रमुख प्रवक्ता ने किसान प्रदर्शन पर कहा
Modified Date: November 29, 2022 / 07:59 pm IST
Published Date: January 27, 2021 9:23 am IST

(योषिता सिंह)

संयुक्त राष्ट्र, 27 जनवरी (भाषा) भारत में किसानों और पुलिस कर्मियों के बीच हुई हिंसक झड़प के बीच संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस के प्रवक्ता ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन, एकत्रित होने की स्वतंत्रता और अहिंसा का सम्मान करना जरूरी है।

केन्द्र के तीन नए कृषि कानूनों को वापस लेने की किसान संगठनों की मांग के पक्ष में मंगलवार को हजारों की संख्या में किसानों ने दिल्ली में ट्रैक्टर परेड निकाली थी। इस दौरान कई जगह प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के अवरोधकों को तोड़ दिया और पुलिस के साथ झड़प की, वाहनों में तोड़-फोड़ की और लाल किले पर एक धार्मिक ध्वज लगा दिया था।

दिल्ली पुलिस ने किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा के संबंध में अभी तक 22 प्राथमिकियां दर्ज की हैं। हिंसा में 300 से अधिक पुलिस कर्मी घायल हुए हैं।

महासचिव गुतारेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने नयी दिल्ली में हुई हिंसा के सवाल पर मंगलवार को दैनिका संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘ जैसा हम ऐसे कई मामलों में कहते हैं, मुझे लगता है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन, एकत्रित होने की स्वतंत्रता और अहिंसा का सम्मान करना आवश्यक है।’’

संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) की अगुवाई में दिल्ली से लगी सीमाओं पर हजारों किसान केन्द्र सरकार के नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। एसकेएम 41 किसान संगठनों की शीर्ष इकाई है।

किसान मोर्चा ने ट्रैक्टर परेड के दौरान हिंसा करने वाले लोगों से खुद को अलग करते हुए आरोप लगाया है कि कुछ ‘‘असमाजिक तत्व’’ इस प्रदर्शन में घुस आए वरना प्रदर्शन शांतिपूर्ण था।

संयुक्त किसान मोर्चा ने राष्ट्रीय राजधानी में किसानों के ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा पर चर्चा करने के लिए बुधवार दोपहर बाद बैठक बुलाई है।

गौरतलब है कि हजारों किसान पिछले साल 28 नवम्बर से दिल्ली से लगी सीमाओं पर केन्द्र के तीन नए कृषि कानूनों को निरस्त किए जाने और उनकी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्यों की कानूनी गारंटी की मांग कर रहे हैं। इनमें अधिकतर किसान पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से हैं।

भाषा निहारिका शाहिद

शाहिद


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