मालदीव दक्षेस को पुन: सक्रिय करने में मदद और सहयोग के लिए तैयार है: राष्ट्रपति

मालदीव दक्षेस को पुन: सक्रिय करने में मदद और सहयोग के लिए तैयार है: राष्ट्रपति

मालदीव दक्षेस को पुन: सक्रिय करने में मदद और सहयोग के लिए तैयार है: राष्ट्रपति
Modified Date: July 26, 2026 / 06:57 pm IST
Published Date: July 26, 2026 6:57 pm IST

माले, 26 जुलाई (भाषा) मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने रविवार को कहा कि उनका देश पिछले नौ सालों से निष्क्रिय दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (दक्षेस) की बैठकों को फिर से शुरू करने में मदद करने के लिए तैयार है।

दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन में भारत, बांग्लादेश, भूटान, मालदीव, नेपाल, पाकिस्तान, श्रीलंका और अफगानिस्तान शामिल है।

सरकारी ‘पब्लिक सर्विस मीडिया’ (पीएसएम न्यूज) की खबर के अनुसार, रविवार को मालदीव के 61वें स्वतंत्रता दिवस समारोह को संबोधित करते हुए मुइज्जू ने दक्षेस को एक महत्वपूर्ण क्षेत्रीय संगठन बताया।

हालांकि, उन्होंने कहा कि यह संगठन पिछले नौ वर्षों से निष्क्रिय है।

दक्षेस का आखिरी शिखर सम्मेलन (18वां शिखर सम्मेलन) 26-27 नवंबर, 2014 को नेपाल की राजधानी काठमांडू में हुआ था।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, 2016 में पाकिस्तान की मेजबानी में आयोजित होने वाला 19वां ​​दक्षेस शिखर सम्मेलन नहीं हो सका था। सदस्य देशों के बीच आम सहमति की कमी और सीमा-पार आतंकवाद से जुड़ी चिंताओं के कारण दक्षेस के स्तर पर बातचीत रुकी हुई है।

मुइज्जू ने कहा कि मालदीव ने हमेशा विवादों के शांतिपूर्ण समाधान की वकालत की है और बातचीत को बढ़ावा देने में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए तैयार है।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए दक्षेस को फिर से सक्रिय करना और सदस्य देशों के बीच बैठकें दोबारा शुरू करना जरूरी है।

मुइज्जू ने कहा, ‘‘मालदीव भिन्न-भिन्न मत वाले सभी पक्षों से क्षेत्रीय विकास और शांति को प्राथमिकता देने और सहयोग की भावना से काम करने का आह्वान करता है।’’

पीएसएम न्यूज ने मुइज्जू के हवाले से कहा, “यदि ऐसा करने में कोई कठिनाई आती है तो मालदीव पहल करने और उन चर्चाओं को आगे बढ़ाने में मध्यस्थ की भूमिका निभाने के लिए तैयार है।’’

दक्षेस की स्थापना आठ दिसंबर, 1985 को ढाका में दक्षेस चार्टर पर हस्ताक्षर के साथ हुई थी। संगठन का सचिवालय 17 जनवरी, 1987 को काठमांडू में स्थापित किया गया था।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, दक्षेस क्षेत्र में करीब 1.9 अरब लोग रहते हैं, जो विश्व की आबादी का लगभग 24 फीसदी है। दक्षेस देशों की संयुक्त जीडीपी लगभग पांच हजार अरब डॉलर है।

भाषा संतोष रंजन

रंजन


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