(सागर कुलकर्णी)
वाशिंगटन, 13 सितंबर (भाषा) भारत के ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल रविवार को जी20 देशों के ऊर्जा मंत्रियों की बैठक में शामिल होने के लिए अमेरिकी शहर ह्यूस्टन पहुंचे। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब ईरान तथा यूक्रेन में जारी युद्ध के कारण दुनियाभर में कच्चे तेल की आपूर्ति पर काफी दबाव है।
ह्यूस्टन में भारत के महावाणिज्य दूत सी. मंजूनाथ ने हवाई अड्डे पर बिजली मंत्री की अगवानी की। सोमवार से बुधवार तक ऊर्जा प्रचुरता के विषय पर होने वाली जी20 मंत्रिस्तरीय बैठक में अमेरिका के गृह मंत्री डग बर्गम, अमेरिका के ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट और व्हाइट हाउस के अधिकारी जेरोड एजन शामिल होंगे।
बिजली मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका की जी20 अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में जी20 देशों के ऊर्जा मंत्री और वरिष्ठ प्रतिनिधि वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा, सस्ती ऊर्जा, बुनियादी ढांचा विकास और लचीली ऊर्जा आपूर्ति शृंखलाओं से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
मनोहर लाल तीन प्रमुख मुद्दों के तहत मंत्रिस्तरीय सत्रों में हिस्सा लेंगे। ये मुद्दे हैं-‘ऊर्जा सुरक्षा और किफायती बेसलोड’, ‘अनुमति प्रक्रिया और नियामकीय दक्षता’ और ‘महत्वपूर्ण खनिज एवं लचीली आपूर्ति शृंखलाएं’।
मंत्रालय ने कहा कि चर्चा का केंद्र ऊर्जा सुरक्षा और सस्ती ऊर्जा उपलब्ध कराने को मजबूत करना, प्रभावी नियामकीय ढांचे के जरिए ऊर्जा के बुनियादी ढांचे के समयबद्ध विकास को सुगम बनाना तथा सुरक्षित, मजबूत और विविधीकृत महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति शृंखलाएं तैयार करना होगा।
मंत्रालय ने कहा कि बैठक के दौरान मनोहर लाल ऐसे मजबूत और भविष्य के लिए तैयार ऊर्जा तंत्र के निर्माण के प्रति भारत के दृष्टिकोण को सामने रखेंगे, जो देश की तेजी से बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में सक्षम हो।
भाषा संतोष नरेश
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