ढाका, 13 सितंबर (भाषा) बांग्लादेश ने रविवार को कहा कि वह भारत के साथ अपने रिश्तों को पुन: परिभाषित करना चाहता है और आपसी हितों के आधार पर नए द्विपक्षीय संबंध बनाना चाहता है। इसके साथ ही उसने अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के कार्यकाल के दौरान के रिश्तों को “असहज” बताया।
विदेश मामलों के राज्य मंत्री हुमायूं कबीर का यह बयान बांग्लादेश के उस ऐलान के दो दिन बाद आया है, जिसमें बृहस्पतिवार को कहा गया था कि प्रधानमंत्री तारिक रहमान भारत में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा नहीं लेंगे क्योंकि उन्हें इस कार्यक्रम के लिए आमंत्रित नहीं किया गया था; इसके बजाय निमंत्रण बिम्सटेक के अध्यक्ष को भेजा गया था।
दो दिन तक चला ब्रिक्स शिखर सम्मेलन रविवार को संपन्न हुआ। भारत ने रहमान को ‘बहुक्षेत्रीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग के लिए बंगाल की खाड़ी पहल’ (बिम्सटेक) के अध्यक्ष के तौर पर शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया था, जबकि फरवरी से ही उन्हें एक अलग द्विपक्षीय निमंत्रण भी भेजा जा चुका था।
कबीर ने यहां पत्रकारों से कहा कि बांग्लादेश भारत के साथ अपने द्विपक्षीय संबंधों को “नए सिरे से शुरू” करना चाहता है।
उन्होंने कहा, “हम एक नए रिश्ते की ओर बढ़ना चाहते हैं, और यह काम द्विपक्षीय बातचीत के जरिए होना चाहिए, न कि किसी बहुपक्षीय मंच के जरिए।”
अगस्त 2024 में युवाओं के नेतृत्व वाले आंदोलन में सत्ता से हटाए जाने के बाद हसीना भारत चली गयी थीं। नयी दिल्ली द्वारा उन्हें शरण दिए जाने के कारण भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में तनाव आ गया है।
कबीर ने कहा कि बांग्लादेश को भारत के साथ अपने “अत्यधिक पूर्वाग्रह” से आगे बढ़कर नयी दिल्ली के साथ अपने रिश्तों को संतुलित तरीके से देखना चाहिए। उन्हें आपसी हितों पर ध्यान देना चाहिए और इसे दूसरे देशों के साथ अपने व्यापक संबंधों का ही एक हिस्सा मानना चाहिए।
उन्होंने कहा, “हमें भारत पर अधिक ध्यान केंद्रित करने से बाहर निकलना होगा। भारत भी एक सामान्य देश है और बांग्लादेश उसके साथ अच्छे द्विपक्षीय संबंध चाहता है।”
एक सवाल का जवाब देते हुए मंत्री ने कहा, “भारत में नाश्ता, भारत में लंच, भारत में डिनर — तो फिर आप अपना खाना कब खाएंगे?”
उनका इशारा इस बात पर था कि हर वक्त भारत के बारे में सोचेंगे तो बांग्लादेश अपने मुद्दों पर कब ध्यान देगा।
कबीर ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री रहमान 21 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में शामिल होने के लिए न्यूयॉर्क रवाना होंगे और 26 सितंबर तक वहीं रहेंगे।
संरा महासभा के दौरान रहमान और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच बैठक की संभावना के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि ऐसी बैठकें अक्सर बड़े अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों के दौरान आखिरी समय में तय की जाती हैं।
भाषा प्रशांत नरेश
नरेश