Middle East War News: ‘न पहले साथ था और न भविष्य में..’, इन देशों पर राष्ट्रपति ट्रंप का बड़ा वार, एक को बताया ‘बड़ा लेकिन बुरी तरह संचालित..’
Middle East War News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए NATO को लेकर तीखी आलोचना की है।
donald trump/ image source: ibc24 file image
- NATO पर ट्रंप का बड़ा हमला
- “कभी साथ नहीं था” बयान
- ग्रीनलैंड पर विवादित टिप्पणी
Middle East War News: मिडिल ईस्ट में पिछले एक महीने से जारी तनाव और संघर्ष के बीच अब राहत की खबर सामने आई है। अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर पर सहमति बन गई है, जिससे क्षेत्र में फिलहाल तनाव कम होने की उम्मीद जताई जा रही है। इस सीजफायर का ऐलान अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने किया, जिसके बाद दोनों देशों की ओर से आधिकारिक पुष्टि भी सामने आई। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए NATO को लेकर तीखी आलोचना की है।
Donald Trump NATO criticism: ट्रंप ने की नाटो देशों की आलोचना की
अपने पोस्ट में उन्होंने स्पष्ट तौर पर लिखा कि NATO न पहले कभी उनके साथ था और न ही भविष्य में रहेगा। ट्रंप के इस बयान से यह संकेत मिलता है कि वह इस सैन्य गठबंधन की भूमिका और समर्थन को लेकर असहमति जताते रहे हैं। उनके शब्दों में यह नाराजगी साफ नजर आई, जहां उन्होंने NATO के प्रति अपने पुराने और वर्तमान रुख को दोहराया।
इसी पोस्ट में ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर भी विवादित टिप्पणी की। उन्होंने ग्रीनलैंड को “खराब तरीके से संचालित बर्फ का टुकड़ा” बताया, जिससे उनके बयान ने और अधिक चर्चा बटोरी। इस टिप्पणी के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिक्रियाओं की संभावना बढ़ गई है, क्योंकि ग्रीनलैंड को लेकर पहले भी उनके बयान सुर्खियों में रह चुके हैं। ट्रंप के इस पोस्ट ने एक बार फिर उनकी स्पष्ट और बेबाक शैली को सामने रखा है, जिसमें उन्होंने NATO और ग्रीनलैंड दोनों पर अपने विचार साझा किए।
Middle East War: अमेरिका को सीजफायर और युद्ध में से एक चुनना होगा-अराघची
हाल ही में ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए अमेरिका को लेकर कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि अमेरिका को अब सीजफायर और युद्ध में से किसी एक विकल्प को चुनना होगा। उनके अनुसार, अमेरिका एक साथ दोनों रास्तों पर नहीं चल सकता है। अराघची ने अपने बयान में यह भी स्पष्ट किया कि या तो अमेरिका युद्धविराम लागू करे या फिर इजराइल के जरिए जारी संघर्ष को आगे बढ़ने दे, लेकिन दोनों स्थितियों को एक साथ बनाए रखना संभव नहीं है।
America Iran War Update: लेबनान में जारी हिंसा का किया जिक्र
अपने पोस्ट में अराघची ने लेबनान में जारी हिंसा का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया इस समय लेबनान में हो रही घटनाओं पर नजर बनाए हुए है। इस संदर्भ में उन्होंने कहा कि अब गेंद पूरी तरह अमेरिका के पाले में है। दुनिया यह देख रही है कि अमेरिका अपने किए गए वादों पर कितना खरा उतरता है और वह किस दिशा में आगे बढ़ता है।
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