मिसरी ने फ्रांस के विदेश मंत्री से मुलाकात की, द्विपक्षीय संबंधों और प. एशिया की स्थिति पर चर्चा की

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मिसरी ने फ्रांस के विदेश मंत्री से मुलाकात की, द्विपक्षीय संबंधों और प. एशिया की स्थिति पर चर्चा की

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  • Publish Date - April 13, 2026 / 09:59 PM IST,
    Updated On - April 13, 2026 / 09:59 PM IST

लंदन, 13 अप्रैल (भाषा) विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने सोमवार को फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट से मुलाकात की और द्विपक्षीय सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों तथा पश्चिम एशिया की स्थिति सहित मौजूदा वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा की।

मिसरी ऐसे समय में फ्रांस दौरे पर हैं, जब अमेरिका और ईरान के बीच सप्ताहांत में पाकिस्तान में हुई लंबी वार्ता के बाद भी युद्धविराम के लिए कोई स्थायी शांति समझौता नहीं हो पाने के कारण पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ गया है।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच चीन और अन्य देशों को ईरान की तेल आपूर्ति प्रभावित करने के उद्देश्य से होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी की घोषणा की है।

दो देशों की अपनी यात्रा के पहले चरण में रविवार को पेरिस पहुंचे मिसरी ने यूरोप और विदेश मामलों के फ्रांसीसी मंत्री बैरोट से मुलाकात की।

पेरिस स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘बैठक में द्विपक्षीय सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों और पश्चिम एशिया की स्थिति सहित वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा हुई।’’

फ्रांस की यह यात्रा मिसरी की अमेरिका यात्रा के बाद हो रही है, जहां उन्होंने विदेश मंत्री मार्को रुबियो और ट्रंप प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की थी।

विदेश सचिव मिसरी फ्रांस के विदेश मंत्रालय के महासचिव मार्टिन ब्रिएंस के साथ भारत-फ्रांस विदेश कार्यालय परामर्श की सह-अध्यक्षता करेंगे।

मिसरी और ब्रिएंस रक्षा, असैन्य परमाणु ऊर्जा, अंतरिक्ष, साइबर एवं डिजिटल, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और लोगों के बीच संपर्क को बढ़ावा देने वाली पहलों सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

मिसरी पेरिस और बर्लिन की तीन-दिवसीय यात्रा पर हैं, जहां वह ऐसे कई क्षेत्रों पर उच्चस्तरीय वार्ता करेंगे, जो बदलते वैश्विक भू-राजनीतिक परिदृश्य के बीच और अधिक महत्वपूर्ण हो गए हैं।

भारतीय दूतावास ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘यह यात्रा फरवरी 2026 में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की भारत यात्रा के बाद हो रही है और भारत तथा यूरोप के बीच नियमित उच्चस्तरीय आदान-प्रदान को दर्शाती है।’’

भाषा राखी सुरेश

सुरेश