यूरोप में भीषण गर्मी से इस साल करीब 10 हजार लोगों की मौत हुई
यूरोप में भीषण गर्मी से इस साल करीब 10 हजार लोगों की मौत हुई
लंदन, 17 जुलाई (एपी) यूरोप ने इस साल अप्रत्याशित रूप से भीषण गर्मी का सामना किया और पूरे महाद्वीप से संकलित आंकड़ों के मुताबिक तापमान में बेतहाशा वृद्धि से जुड़ी घटनाओं में सामान्य से कहीं अधिक करीब 10 हजार लोगों की जान गई है।
अध्ययनकर्ताओं के अनुसार जून के आखिर में इसमें तेजी से तब वृद्धि हुई जब यूरोप के कुछ हिस्सों में तापमान ने रिकॉर्ड तोड़ दिया।
जानकारों का कहना है कि पूरी स्थिति समझने में समय लगता है और गर्मी से होने वाली कई मौतों को आधिकारिक तौर पर उस तरह दर्ज नहीं किया जाता। उदाहरण के लिए, भीषण गर्मी से दिल का दौरा पड़ सकता है, खासतौर पर उन लोगों को जो उम्रदराज हैं और पहले से किसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त हैं। लेकिन उनकी मौत होने पर मृत्यु प्रमाण पत्र में मौत की वजह दिल का दौरा लिखा जा सकता है।
अध्ययनकर्ताओं के मुताबिक गर्मियों की शुरुआत चिंताजनक रही है। पिछले कुछ सालों में यूरोप में कई बार भीषण गर्मी पड़ी जिसकी वजह से हजारों लोगों की मौत हुई है। फिर भी, गर्मी के कारण यूरोप में 2003 का साल सबसे ज़्यादा जानलेवा रहा, जिसमें लगभग 70,000 लोगों की मौत हुई थी। जलवायु परिवर्तन की वजह से भीषण गर्मी की आवृत्ति बढ़ रही है और यह बदलाव कोयला, तेल और गैस जैसे ईंधन दहन से होता है।
यूरोएमओएमओ मृत्यु निगरानी केंद्र है, जिसे दो दर्जन देशों से आंकड़े प्राप्त होते हैं। इन आंकड़ों के मुताबिक 28 जून को समाप्त हुए हफ़्ते में सभी वजहों से करीब 14,260 अधिक मौते हुईं। इनमें से 12,000 से ज़्यादा मौतें 65 साल और उससे ज़्यादा उम्र के लोगों की थीं। यह उस हफ्ते हुई कुल 84,583 मौतों में से था। उससे पहले और बाद के हफ्तों में ये आंकड़े काफी कम थे।
डेनमार्क के स्टेटन्स सीरम इंस्टीट्यूट से संबद्ध और यूरोएमओएमओ के समन्वयक लासे वेस्टेरगार्ड ने कहा, ‘‘हम इसका कारण यूरोप के कई देशों में पड़ रही भीषण गर्मी को मानते हैं, और ऐसा इसलिए है क्योंकि इस अवधि में इतनी अधिक मौतों की कोई और साफ वजह समझ नहीं आती।’’
यूरोएमओएमओ ने अलग-अलग देशों के आंकड़े नहीं दिये हैं, लेकिन उसने फ्रांस, बेल्जियम और जर्मनी में अतिरिक्त मामलों की सबसे ज्यादा दरें पाईं।
जर्मनी के रोग नियंत्रण केंद्र, रॉबर्ट कोच इंस्टीट्यूट ने इस साल जुलाई की शुरुआत तक गर्मी से सीधे तौर पर 6,830 लोगों की मौत होने की बात कही है। इनमें से 6,470 लोगों की उम्र 65 साल या उससे अधिक थी।
ब्रिटेन की राष्ट्रीय मौसम एजेंसी ने कहा है कि मई और जून में इंग्लैंड और वेल्स में भीषण गर्मी की वजह से करीब 2700 लोगों की मौत हुई।
फ्रांस के जन स्वास्थ्य प्राधिकरण ने बताया कि 22-28 जून के बीच इससे पूर्ववती सप्ताह के मुकाबले करीब 2,000 अधिक मौतें दर्ज की गईं।
स्पेन की सरकारी निगरानी एजेंसी, कार्लोस-तृतीय स्वास्थ्य संस्थान के मुताबिक देश में भीषण गर्मी से करीब 937 लोगों की मौत हुई।
बेल्जियम के जन स्वास्थ्य संस्थान ‘साइंसानो’ के मुताबिक 18 जून से 1 जुलाई तक भीषण गर्मी के प्रकोप वाली अवधि में सामान्य से 1,747 ज़्यादा मौतें हुईं।
नीदरलैंड में भी इस साल भीषण गर्मी से करीब 480 लोगों की मौत हुई है।
भाषा धीरज माधव
माधव

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