एआई किसी देश का अकेला प्रयास न हो, बल्कि दुनिया का सामूहिक एवं समन्वित सहयोग का परिणाम हो:

एआई किसी देश का अकेला प्रयास न हो, बल्कि दुनिया का सामूहिक एवं समन्वित सहयोग का परिणाम हो:

एआई किसी देश का अकेला प्रयास न हो, बल्कि दुनिया का सामूहिक एवं समन्वित सहयोग का परिणाम हो:
Modified Date: July 17, 2026 / 03:11 pm IST
Published Date: July 17, 2026 3:11 pm IST

बीजिंग/शंघाई, 17 जुलाई (भाषा) चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने शुक्रवार को कहा कि कृत्रिम मेधा (एआई) का विकास किसी एक देश का अकेला प्रयास नहीं होना चाहिए, बल्कि यह पूरी दुनिया के देशों के सामूहिक और समन्वित सहयोग का परिणाम होना चाहिए।

शी ने शंघाई में चीन के सबसे बड़े वार्षिक एआई उद्योग कार्यक्रम ‘2026 विश्व कृत्रिम मेधा सम्मेलन’ के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए यह बात कही।

उन्होंने कहा, ‘‘एआई की त्वरित प्रगति के साथ, हमें यह पक्का करना होगा कि इसका विकास सकारात्मक हो और यह मानवता की भलाई के लिए हो।’’

उन्होंने कहा कि इसे (एआई को) इंसानी समझदारी और अंतरराष्ट्रीय सहमति से आगे बढ़ाया जाना चाहिए।

हांगकांग के ‘साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट’ की खबर के मुताबिक, शी ने कहा कि चीन अगले पांच वर्षों में एआई के विकास में और तेजी के लिए दक्षिण पूर्व एशियाई देश संगठन (आसियान), अरब लीग, ‘शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइज़ेशन’, ‘अफ्रीकी संघ’, लैटिन अमेरिकी देश और ब्रिक्स के सदस्यों समेत विकासशील देशों को एआई में 5,000 अनुसंधान परियोजनाओं के साथ-साथ प्रशिक्षण, संगोष्ठी कार्यक्रम और ‘‘सहयोग केंद्र’’ उपलब्ध कराएगा।

इससे पहले, 29 देशों ने शंघाई में ‘विश्व कृत्रिम मेधा सहयोग संगठन’ (वैको) बनाने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए।

सरकारी समाचार एजेंसी ‘शिन्हुआ’ की रिपोर्ट के अनुसार, समझौते के तहत ‘वैको’ एक स्वतंत्र अंतर-सरकारी अंतरराष्ट्रीय संगठन होगा, जिसका मुख्यालय शंघाई में होगा।

चीन के अलावा कज़ाकिस्तान, लाओस, पाकिस्तान, रूस और इंडोनेशिया समेत 29 देशों के प्रतिनिधियों ने समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिससे ये देश ‘वैको’ के संस्थापक सदस्य बन गए।

भाषा राजकुमार सुरेश

सुरेश


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