नुवाकोट (नेपाल), 15 सितंबर (भाषा) नेपाल और भारत की संयुक्त बचाव टीमें चिलिमे सुरंग के अवरुद्ध हिस्से को साफ कर भूमिगत बिजलीघर तक पहुंचने के प्रयास के अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। अधिकारियों ने बताया कि बिजलीघर में छह कर्मियों के फंसे होने की आशंका है।
उन्होंने बताया कि सुरंग के मुहाने पर जमा मलबे को व्हील लोडर की मदद से हटाया जा रहा है। अवरुद्ध हिस्से को साफ किए जाने के बाद भारतीय और नेपाली बचाव दल सुरंग के भीतर आगे बढ़कर कर्मियों तक पहुंचने और उन्हें बाहर निकालने का प्रयास करेंगे।
नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने सोमवार को कहा कि संयुक्त दल ने खुदाई मशीनों और लोडर की मदद से सुरंग के बचे हुए अवरुद्ध हिस्से को साफ करने का काम जारी रखा।
उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान सुरंग के भीतर से पानी आने और बड़े-बड़े पत्थरों की मौजूदगी समेत कई अप्रत्याशित चुनौतियां सामने आईं।
श्रीवास्तव ने कहा कि टीमें पानी निकालने के लिए मड पंप का इस्तेमाल कर रही हैं और बिजलीघर तक पहुंचने के लिए मंगलवार को भी मलबा हटाने का काम जारी रहने की उम्मीद है।
नेपाल-तिब्बत सीमा के पास 26 अगस्त को हिमस्खलन की वजह से अचानक आई बाढ़ ने उत्तरी और मध्य नेपाल के कस्बों और गांवों में भारी तबाही मचाई थी। इसमें करीब 1,400 लोगों की मौत हुई, जबकि 5,000 से अधिक लोग अब भी लापता हैं। हिमालयी सीमा क्षेत्र से दक्षिण की ओर बहने वाली भोटेकोशी नदी बाढ़ का पानी अपने साथ नीचे ले गई, जिससे मकान, वाहन, सड़कें और पुल बह गए तथा पनबिजली परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचा।
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राखी मनीषा
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