ऑक्सफोर्ड संग्रहालय से दशकों बाद 39 नगा पूर्वजों की ‘स्वदेश वापसी’ होगी

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ऑक्सफोर्ड संग्रहालय से दशकों बाद 39 नगा पूर्वजों की ‘स्वदेश वापसी’ होगी

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  • Publish Date - September 8, 2026 / 09:31 PM IST,
    Updated On - September 8, 2026 / 09:31 PM IST

(अदिति खन्ना)

लंदन, आठ सितंबर (भाषा) ऑक्सफोर्ड के पिट रिवर्स म्यूजियम में दशकों से प्रदर्शित नगा के 39 पूर्वजों के अवशेषों की ‘स्वदेश वापसी’की यात्रा जल्द शुरू होगी। संग्रहालय ने जानकारी दी है कि वह नगालैंड के प्रतिनिधियों से मिलकर इन अवशेषों को औपचारिक रूप से सौंपने का समारोह आयोजित करने के लिए काम कर रहा है।

इस संग्रहालय में नगाओं से जुड़ी वस्तुओं का दुनिया में सबसे बड़ा संग्रह है, जिनमें से अधिकतर वस्तुएं बीसवीं सदी की शुरुआत में औपनिवेशिक प्रशासकों ने एकत्रित की थीं। इनमें नगा लोगों के पूर्वजों के अवशेष भी शामिल हैं, जिन्हें औपनिवेशिक दौर में लिया गया था और दशकों तक संग्रहालय में प्रदर्शित किया गया।

फोरम फॉर नागा रिकॉन्सिलिएशन (एफएनआर) ने इस साल की शुरुआत में संग्रहालय से संपर्क किया और नगा लोगों की विरासत लौटाने की मांग की। अब भारत से नगा प्रतिनिधिमंडल के ऑक्सफोर्ड जाने की योजना बनाई जा रही है, ताकि वे उन मानव अवशेषों को स्वदेश ला सकें।

पिट रिवर्स म्यूजियम की निदेशक प्रोफेसर लॉरा वैन ब्रोकहोवेन ने कहा, ‘‘इस प्रक्रिया का हिस्सा बनना और एफएनआर तथा आरआरएडी (रिकवर, रिस्टोर एंड डिकोलोनाइज) टीम की अगुवाई में हुई सामूहिक बातचीत के परिणाम को देखना, मेरे लिए बहुत ही विनम्रता का अनुभव कराने वाला रहा है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे गर्व है कि हमने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर नगा समुदाय के उन 39 पूर्वजों की घर वापसी का रास्ता तलाश किया, जो बहुत लंबे समय से अपनी मातृभूमि से दूर थे।’’

संग्रहालय का कहना है कि 2020 से, उसने एफएनआर और आरआरएडी टीम के साथ-साथ नगा इलाकों में रहने वाले आदिवासी होहो, बुज़ुर्गों, गिरजाघरों और समुदायों के साथ मिलकर काम किया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि उनके पूर्वजों (अवशेषों)की देखभाल कैसे की जाए और उन्हें वापस कैसे लाया जाए।

संग्रहालय ने कहा, ‘‘फरवरी 2026 में, ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय को पिट रिवर्स म्यूज़ियम में रखे गए 40 पूर्वजों के अवशेषों के लिए एफएनआर से एक दावा मिला। यह दावा सांस्कृतिक वस्तुओं की वापसी के लिए विश्वविद्यालय की प्रक्रियाओं के तहत किया गया था और 13 जुलाई, 2026 को ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय परिसर ने इसे मंजूरी दे दी।’’

परिषद ने पूर्वजों के 39 अवशेष लौटाने पर सहमति जताई, लेकिन एक और अवशेष को लौटाने से इनकार कर दिया। परिषद का कहना था कि उस अवशेष के ‘नगा होने का स्पष्ट प्रमाण’ नहीं था।

नगा पूर्वजों के अवशेष 2020 तक प्रदर्शनी में रखे गए थे, इसके बाद संग्रहालय ने इंसानी अवशेषों को प्रदर्शनी से हटा दिया।

सरकारी अभिलेखों के मुताबिक नगा लोगों के पूर्वजों के अवशेष सबसे पहले ऑक्सफोर्ड के संग्रहालय को एक सदी से भी अधिक समय पहले जॉन हेनरी हटन ने सौंपे थे, जो भारतीय सिविल सेवा (आईसीएस)में एक औपनिवेशिक प्रशासक और मानवविज्ञानी थे।

इस समय संग्रह में मौजूद नगा लोगों के पूर्वजों के अवशेषों में से अधिकतर 1910 और 1940 के बीच हटन और एक दूसरे प्रशासक और मानवविज्ञान जेम्स फिलिप मिल्स ऑक्सफोर्ड लाए थे।

भाषा धीरज पवनेश

पवनेश