वाशिंगटन, आठ सितंबर (एपी)अमेरिका के डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने ईरान को अलग-थलग करने की नयी कोशिश के तहत मंगलवार को उसके उड्डयन क्षेत्र के बचे हुए हिस्सों को भी प्रतिबंधों के दायरे में लाने की घोषणा की। इन प्रतिबंधों में दो दर्जन से अधिक वाणिज्यिक और निजी विमानन कंपनियों के साथ-साथ विदेशी माल ढुलाई सेवा देने वाली कंपनियां भी शामिल हैं।
ट्रंप प्रशासन के नवीनतम कदम ‘ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट’ अभियान का हिस्सा हैं। इस अभियान का उद्देश्य ईरान की उस सरकार के लिए ‘‘ज़रूरी वित्तीय मदद के रास्तों’’ को बंद करना है, जिस पर पहले से ही कई कड़े प्रतिबंध लगे हुए हैं। जानकारों के मुताबिक, ये नए प्रतिबंध ईरान के पहले से ही मुश्किलों में घिरे उड्डयन क्षेत्र के बचे हुए हिस्सों पर केंद्रित हैं, जिस पर अमेरिका की ओर से सालों से अनगिनत प्रतिबंध लगाए जाते रहे हैं।
अमेरिका के वित्तमंत्री स्कॉट बेसेंट ने एक प्रे विज्ञप्ति में कहा, ‘‘ईरान की बची हुई एयरलाइंस के साथ कारोबार करने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए यह एक चेतावनी है-जिन सभी पर हमने आज प्रतिबंध लगाए हैं-कि आपके वैश्विक वित्तीय प्रणाली से अलग-थलग होने का खतरा है।’’
ट्रंप प्रशासन ने इस हफ्ते जिन 36 संस्थाओं को निशाना बनाया, उन पर आरोप लगाया कि वे ईरान की उन कोशिशों में मदद कर रही थीं, जिनके तहत वह अपने उड्डयन क्षेत्र का इस्तेमाल हथियार, लोग और गैर-कानूनी सामान लाने-ले जाने के लिए करता है।
इसमें यह भी दावा किया गया है कि तुर्किये, संयुक्त अरब अमीरात, कजाकिस्तान और मलेशिया की निजी कंपनियों ने ईरान की महान एयर को पुर्जे और लॉजिस्टिक्स सेवा दी हैं। यह विमानन कंपनी 2019 से ही अमेरिका के आतंकवाद-रोधी प्रतिबंधों के दायरे में है, क्योंकि यह ईरान के अर्धसैनिक बल रिवॉल्यूशनरी गार्ड का समर्थन करती है, जिसे अमेरिकी विदेश विभाग ने विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित किया है।
एपी धीरज दिलीप
दिलीप