Pakistan court executes school headmistress on blasphemy charges

स्कूल की प्रधानाध्यापिका को सजा-ए-मौत, पैगंबर मुहम्मद को इस्लाम का अंतिम पैगंबर नहीं मानने की सजा

Pakistan court executes school headmistress on blasphemy charges पाकिस्तान की अदालत ने ईशनिंदा के आरोप में स्कूल की प्रधानाध्यापिका को मृत्युदंड दिया

: , September 28, 2021 / 04:09 PM IST

Pakistan court executes school headmistress

लाहौर, 28 सितंबर (भाषा) पाकिस्तान की एक अदालत ने ईशनिंदा के आरोप में स्कूल की एक प्रधानाध्यापिका को मौत की सजा सुनाई है। लाहौर की जिला एवं सत्र अदालत ने सोमवार को निश्तर कॉलोनी के एक निजी स्कूल की प्रधानाध्यापिका सलमा तनवीर को मौत की सजा सुनाई और उस पर 5000 पाकिस्तानी रुपये का जुर्माना लगाया।

पढ़ें- बिग बॉस-15 में दिखेंगी रिया चक्रवर्ती! अटकलें काफी तेज

Pakistan court executes school headmistress : अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश मंसूर अहमद ने फैसले में कहा कि तनवीर ने पैगंबर मुहम्मद को इस्लाम का अंतिम पैगंबर नहीं मान कर ईशनिंदा की। लाहौर पुलिस ने 2013 में एक स्थानीय मौलवी की शिकायत पर तनवीर के खिलाफ ईशनिंदा का मामला दर्ज किया था। उस पर पैगंबर मुहम्मद को इस्लाम का अंतिम पैगंबर नहीं मानने और खुद को इस्लाम का पैगंबर होने का दावा करने का आरोप लगाया गया था।

पढ़ें- IAS अफसर का धर्म प्रचार करता वीडियो वायरल, जांच के लिए SIT गठित

तनवीर के वकील मुहम्मद रमजान ने दलील दी थी कि उनके मुवक्किल की ‘‘मानसिक स्थिति ठीक नहीं है’’ और अदालत को इस तथ्य पर गौर करना चाहिए। अभियोजन पक्ष द्वारा अदालत में सौंपी गयी ‘पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ’ के एक मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट में कहा गया कि ‘‘संदिग्ध मुकदमा चलाने के लिए फिट है क्योंकि उसकी मानसिक स्थिति बिल्कुल ठीक है।’’

पढ़ें- राकेश टिकैत ने मीडिया हाउस को दी धमकी, अगला नंबर मीडिया हाउस का है.. बीजेपी को बताया बीमारी 

पाकिस्तान के विवादास्पद ईशनिंदा कानून और इसके तहत निर्धारित दंड को बेहद कठोर माना जाता है। पाकिस्तान में 1987 से ईशनिंदा कानून के तहत कम से कम 1472 लोगों पर आरोप लगाए गए हैं। ईशनिंदा के आरोपी आमतौर पर अपनी पसंद का वकील रखने के अधिकार से वंचित रह जाते हैं क्योंकि ज्यादातर वकील ऐसे संवेदनशील मामलों को लेने से इनकार करते हैं।

पढ़ें- ‘सिर्फ 10 लाख के लिए क्यों करूंगा ऐसा काम’ IPL स्पॉट फिक्सिंग केस में श्रीसंत ने किए बड़े खुलासे

ईशनिंदा कानून औपनिवेशिक दौर के कानून हैं, लेकिन पूर्व तानाशाह जनरल जियाउल हक ने इनमें संशोधन किया था जिससे निर्धारित दंड की गंभीरता बढ़ गयी।

 

 

#HarGharTiranga