पाकिस्तान : गिलगित-बाल्टिस्तान विस ने अस्थायी रूप से सूबे का दर्जा देने की मांग की

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पाकिस्तान : गिलगित-बाल्टिस्तान विस ने अस्थायी रूप से सूबे का दर्जा देने की मांग की

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  • Publish Date - July 17, 2026 / 03:16 PM IST,
    Updated On - July 17, 2026 / 03:16 PM IST

(सज्जाद हुसैन)

इस्लामाबाद, 17 जुलाई (भाषा) पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान की तथाकथित विधानसभा ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर संघीय सरकार से पर्वतीय क्षेत्र को संवैधानिक और राजनीतिक अधिकारों के साथ-साथ अस्थायी सूबे का दर्जा देने की मांग की है। मीडिया ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

पाकिस्तान के अंग्रेजी अखबार ‘डॉन’ में प्रकाशित खबर के मुताबिक बृहस्पतिवार को विधानसभा सत्र के दौरान विधायक जलाल अली शाह ने यह प्रस्ताव पेश किया, जिसे सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों के सदस्यों का समर्थन मिला।

इसमें कहा गया है कि गिलगित-बाल्टिस्तान (सशक्तीकरण और स्व-शासन) आदेश 2009 से चुनी हुई विधानसभा गठित हुई और स्व-शासन को बढ़ावा मिला।

प्रस्ताव के मुताबिक सरताज अजीज की अध्यक्षता वाली समिति की सिफारिशों के बाद, गिलगित-बाल्टिस्तान आदेश 2018 के तहत विधानसभा को विधायी शक्तियां दी गईं।

सदन ने पाकिस्तान सरकार से आग्रह किया कि वह समिति की सिफारिशों को लागू करे और गिलगित-बाल्टिस्तान को अस्थायी सूबे का दर्जा दे, ताकि वहां के निवासी नेशनल असेंबली के लिए अपने प्रतिनिधि चुन सकें और संघीय स्तर पर प्रतिनिधित्व हासिल कर सकें।

गिलगित-बाल्टिस्तान का प्रशासन पाकिस्तान द्वारा अलग से चलाया जाता है। भारत का स्पष्ट रुख है कि पूरा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख, जिनमें गिलगित-बाल्टिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर भी शामिल है, उसका अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा हैं।

भारत ने इन इलाकों का दर्जा बदलने की पाकिस्तान की कोशिशों को खारिज कर दिया है और कहा है कि ऐसे कदमों का कोई कानूनी आधार नहीं है और इनसे ज़मीनी हकीकत नहीं बदली जा सकती।

भाषा धीरज अविनाश

अविनाश