(एम जुल्करनैन)
लाहौर, 13 जुलाई (भाषा) पाकिस्तान ने पिछले तीन साल में महिलाओं और बच्चों समेत 26 लाख से अधिक अफगान नागरिकों को देश से निकाला है।
उनकी स्वदेश वापसी बिना वैध दस्तावेजों/वीजा के पाकिस्तान में रह रहे या निर्धारित समयावधि के बाद भी पाकिस्तान में ठहरे हुए अफगान नागरिकों के खिलाफ सरकार की कार्रवाई का हिस्सा है।
पंजाब सरकार ऐसे अवैध या बिना दस्तावेज वाले प्रवासियों की पहचान के लिए नियमित रूप से सर्वेक्षण करती है।
पंजाब के गृह विभाग के विदेशी नागरिक सुरक्षा मामलों के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि प्रांतीय सरकार ने अकेले ही 1,38,342 अफगान नागरिकों को अपने निरुद्ध केंद्रों में रखा, उनके दस्तावेजी औपचारिकताएं पूरी कीं तथा उन्हें वापस भेज दिया।
उन्होंने कहा कि पिछले तीन साल में पाकिस्तान में गैर-कानूनी रूप से रह रहे लगभग 26 लाख अफ़गान नागरिकों को वापस भेजा गया है।
आम तौर पर ये निर्वासन खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की तोरखम चौकी से किए जाते हैं।
इस कार्रवाई से अफगान समुदाय में चिंता का माहौल है, कुछ लोगों का दावा है कि वे पीढ़ियों से पाकिस्तान में रह रहे हैं।
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग ने भी इतने बड़े पैमाने पर निर्वासन किये जाने को लेकर चिंता जताई है।
दोनों देशों के बीच सशस्त्र संघर्ष के बाद प्रशासन ने अवैध अफगान प्रवासियों के विरूद्ध कार्रवाई तेज कर दी है।
भाषा राजकुमार अविनाश
अविनाश