मुंबई, 13 जुलाई (भाषा) कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बीच रुपया सोमवार को 27 पैसे टूटकर अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 95.65 (अस्थायी) पर रहा।
ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की घोषणा के बाद रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर हुआ है।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच फिर से हुए ड्रोन तथा मिसाइल हमलों से तेल आपूर्ति को लेकर चिंताएं पैदा हुईं, जबकि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और मजबूत डॉलर के कारण रुपये पर दबाव बढ़ा।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 95.72 प्रति डॉलर पर खुला। कारोबार के दौरान यह 95.58 से लेकर 95.86 प्रति डॉलर के दायरे में रहा।
अंत में रुपया 95.65 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव से 27 पैसे की गिरावट है।
रुपया शुक्रवार को अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले नौ पैसे मजबूत होकर 95.38 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा, ‘‘सप्ताहांत में अमेरिका-ईरान युद्ध तेज होने के कारण भारतीय रुपया कमजोर रहा। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया और अमेरिकी डॉलर की मजबूती से भी रुपये पर दबाव बना। हालांकि, घरेलू शेयर बाजारों में सुधार और दिन के उच्च स्तर से कच्चे तेल की कीमतों में कुछ नरमी आने के बाद रुपया निचले स्तर से कुछ हद तक उबरने में सफल रहा।’’
चौधरी ने कहा कि डॉलर के मुकाबले रुपये का हाजिर भाव 95.40 से 96 के दायरे में रहने का अनुमान है।
इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.03 प्रतिशत घटकर 100.91 पर रहा।
अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 1.93 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77.48 डॉलर प्रति बैरल पर रहा।
घरेलू शेयर बाजार में सेंसेक्स 47.01 अंक बढ़कर 77,616.40 अंक पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 4.10 अंक बढ़त के साथ 24,211 अंक पर रहा।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को शुद्ध रूप से 2,603.72 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की खरीदारी की।
भाषा यासिर अजय
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