पाकिस्तान : पंजाब विस में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया खातों पर रोक का प्रस्ताव पारित

पाकिस्तान : पंजाब विस में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया खातों पर रोक का प्रस्ताव पारित

पाकिस्तान : पंजाब विस में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया खातों पर रोक का प्रस्ताव पारित
Modified Date: September 2, 2026 / 03:14 pm IST
Published Date: September 2, 2026 3:14 pm IST

(एम. जुल्करनैन)

लाहौर, दो सितंबर (भाषा) साइबर-बुलिंग, ऑनलाइन शोषण और बच्चों पर ज्यादा समय तक स्क्रीन देखने के बुरे असर को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच, पाकिस्तान की पंजाब विधानसभा ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया खातों पर असरदार कानूनी रोक लगाने का प्रस्ताव पारित किया है।

यह प्रस्ताव मंगलवार को सांसद सारा अहमद ने पेश किया, जो बाल संरक्षण ब्यूरो की अध्यक्ष भी हैं।

पंजाब विधानसभा के प्रवक्ता के अनुसार, सदन ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव को अपनाया, जिसमें विपक्षी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने भी इसका समर्थन किया। प्रांतीय विधानसभा ने सिफारिश की है कि संघीय सरकार 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल को सीमित करने के लिए उचित कानून लाए।

इस प्रस्ताव में डिजिटल दुनिया के बढ़ते खतरों से बच्चों को बचाने के लिए व्यापक कानून और संघीय व प्रांतीय संस्थाओं को शामिल करते हुए एक समन्वित तंत्र बनाने की मांग की गई।

प्रस्ताव में कहा गया है, “सोशल मीडिया तक बिना रोक-टोक पहुंच नाबालिगों को कई तरह के खतरों का शिकार बना रही है, जिनमें साइबर-बुलिंग, ऑनलाइन यौन शोषण, आपत्तिजनक सामग्री और मानसिक तनाव शामिल हैं।”

इसमें ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, चीन और अमेरिका के कई राज्यों द्वारा बच्चों की सोशल मीडिया तक पहुंच को नियंत्रित करने के लिए अपनाए गए उपायों का जिक्र किया गया और सरकार से पाकिस्तान में भी इसी तरह के कानूनी सुरक्षा उपाय लागू करने का आग्रह किया गया।

यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब दुनिया भर की सरकारें बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं से जूझ रही हैं। कई अध्ययनों में सोशल मीडिया के ज्यादा इस्तेमाल, मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं, साइबर दुर्व्यवहार और हानिकारक सामग्री के संपर्क में आने के बीच संबंधों की लगातार पड़ताल की जा रही है।

ऑस्ट्रेलिया और कई यूरोपीय देशों ने हाल ही में सोशल मीडिया मंचों पर उम्र से जुड़ी सख्त पाबंदियां लागू करने की दिशा में कदम उठाए हैं, जबकि दूसरी सरकारें बच्चों को ऑनलाइन सुरक्षित रखने के लिए उम्र की जांच के सख्त तरीकों और मजबूत कानूनों पर विचार कर रही हैं।

भाषा प्रशांत मनीषा

मनीषा


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