(सज्जाद हुसैन)
इस्लामाबाद, तीन मई (भाषा) पाकिस्तान की संघीय सिविल सेवा के लिए अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के दो अभ्यार्थियों का चयन हुआ है।
पाकिस्तान की संघीय सिविल सेवा में अल्पसंख्यक समुदायों का प्रतिनिधित्व ऐतिहासिक रूप से कम है।
सिंध प्रांत के जीवन रेबारी और खेम चंद जंदोरा उन 170 उम्मीदवारों में शामिल थे, जो बृहस्पतिवार को संघीय लोक सेवा आयोग (एफपीएससी) द्वारा परिणाम घोषित किए जाने के बाद केंद्रीय उच्च सेवा (सीएसएस) में शामिल होने के लिए अर्हता प्राप्त कर चुके हैं।
एफपीएससी के अनुसार, देशभर से 12,792 अभ्यार्थियों ने लिखित परीक्षा दी, जिनमें से 355 उत्तीर्ण हुए। आगे के चरणों के बाद चयनित उम्मीदवारों की कुल संख्या 170 रही।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अल्पसंख्यकों के लिए आरक्षित 123 सीटें रिक्त हैं।
बीबीसी की खबर के मुताबिक खेम चंद के माता-पिता को बेटे की पढ़ाई के लिए उच्च ब्याज दरों पर ऋण लेना पड़ा और गहने बेचने पड़े, जबकि संसाधनों की कमी के कारण जीवन रेबारी एक गुरुद्वारे में शरण लेकर लंगर से अपनी जरूरतों को पूरा करते थे।
भाषा धीरज शफीक
शफीक