नई दिल्लीः Pakistan’s New Conspiracy: लगातार मात खाने के बाद भी पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आता है और दुनिया भर में अपनी किरकिरी करा लेता है। इसके साथ ही पाकिस्तान अभी तक अपनी जवाबदेही और जिम्मेदारी से भागता नजर आता है। इस बीच अब पाकिस्तान की नापाक हरकत का एक बार फिर खुलासा हुआ है। एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ एक नया मोर्चा खोलने की कोशिश कर रही है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बांग्लादेश में उथल-पुथल और भारत के साथ तनाव की बनती स्थिति का फायदा पाकिस्तान उठाना चाहता है। पाकिस्तान ने बांग्लादेश में राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने वाली घटनाओं को मौन समर्थन दिया और साल 2024 के छात्र आंदोलन को परोक्ष रूप से समर्थन देकर देश को दो वर्षों तक अराजकता और हिंसा की ओर धकेला। इतना ही नहीं पाकिस्तान को कतर, तुर्की और सऊदी अरब जैसे कुछ खाड़ी देशों से आर्थिक और सैन्य समर्थन मिलता रहा है। इसके साथ ही चीन जैसे देश भी भारत को कमजोर करने के लिए पाकिस्तान का इस्तेमाल करते हैं। रिपोर्ट में पाकिस्तान को जहरीली नोक वाला खंजर बताया गया है, जिसका इस्तेमाल अलग-अलग देश भारत के खिलाफ ‘ग्रे जोन वॉर’ के लिए करते हैं।
Pakistan’s New Conspiracy: रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना ने देश को मुसलमानों के लिए एक राष्ट्र के रूप में परिभाषित किया था, लेकिन समय के साथ पाकिस्तान नफरत, आक्रामकता और असहिष्णुता की राह पर आगे बढ़ा। तुर्किये को 21वीं सदी में कट्टरपंथ का एक प्रमुख चेहरा बताते हुए रिपोर्ट में विश्व शक्तियों, विशेषकर भारत से, इस्लामी उग्रवाद और कट्टरता के प्रसार को रोकने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया है। रिपोर्ट में तुर्किये पर इस्लामी कट्टरता को बढ़ावा देने और भारतीय मुस्लिम छात्रों को छात्रवृत्ति के माध्यम से प्रभावित करने का आरोप लगाया गया है। इसके संदर्भ में भारत को “पारस्परिकता की नीति” अपनाने की सलाह दी गई है। सुझाव दिया गया है कि भारत कुर्द छात्रों को अवसर देकर तुर्किये के कथित अधिनायकवादी रुझानों का संतुलन कर सकता है।