लोग सोशल मीडिया के ‘क्लीनकल’ आदी नहीं हो सकते: इंस्टाग्राम प्रमुख

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लोग सोशल मीडिया के ‘क्लीनकल’ आदी नहीं हो सकते: इंस्टाग्राम प्रमुख

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  • Publish Date - February 12, 2026 / 11:03 AM IST,
    Updated On - February 12, 2026 / 11:03 AM IST

लॉस एंजिलिस, 12 फरवरी (एपी) मेटा के स्वामित्व वाले इंस्टाग्राम के प्रमुख एडम मोसेरी ने लॉस एंजिलिस में सोशल मीडिया से जुड़े एक मामले में गवाही देते हुए कहा कि वह इस विचार से सहमत नहीं हैं कि लोग सोशल मीडिया मंचों के ‘क्लीनिकल’ आदी हो सकते हैं।

यह मामला उन आरोपों पर आधारित है जिनमें वादियों ने सोशल मीडिया कंपनियों को, उनके मंचों का उपयोग करने वाले बच्चों को हुए नुकसान के लिए जिम्मेदार ठहराने की मांग की है। इस मुकदमे में मेटा प्लेटफॉर्म्स और गूगल का यूट्यूब भी प्रतिवादी हैं, जबकि टिकटॉक और स्नैप पहले ही समझौता कर चुके हैं।

लॉस एंजिलिस का यह मामला 20 वर्षीय एक युवती पर केंद्रित है, जिसकी पहचान ‘केजीएम’ के रूप में की गई है। उसका मुकदमा यह तय कर सकता है कि सोशल मीडिया कंपनियों के खिलाफ दायर हजारों ऐसे ही मुकदमों का क्या परिणाम होगा।

मोसेरी ने बुधवार को कहा कि ‘क्लीनिकल एडिक्शन’ होने और ‘‘समस्या उत्पन्न करने वाले उपयोग’’ के बीच अंतर करना जरूरी है।

‘क्लीनिकल एडिक्शन’ ऐसी लत को कहा जाता है जिसे चिकित्सकीय रूप से एक मानसिक या व्यवहारिक विकार के रूप में पहचाना गया हो और जिसके लिए पेशेवर इलाज की आवश्यकता हो।

हालांकि वादी पक्ष के वकील ने एक पुराने पॉडकास्ट साक्षात्कार का हवाला दिया, जिसमें मोसेरी कथित रूप से विपरीत बात कहते नजर आए थे। इस पर उन्होंने स्पष्ट किया कि उस समय उन्होंने इस शब्द का इस्तेमाल संभवतः ‘‘यूं ही आम बोलचाल की भाषा’’ में किया था, जैसा कि लोग अक्सर कर देते हैं।

उन्होंने कहा कि वह चिकित्सा विशेषज्ञ होने का दावा नहीं कर रहे, लेकिन उनके “बहुत करीबी” किसी व्यक्ति को गंभीर ‘क्लीनिकल लत’ का अनुभव हुआ है, इसलिए वह अपने शब्दों को लेकर सावधानी बरतते हैं।

मोसेरी ने कहा कि वह और उनके सहयोगी ‘समस्या उत्पन्न करने वाला उपयोग’ शब्द का इस्तेमाल उस स्थिति के लिए करते हैं, जब “कोई व्यक्ति इंस्टाग्राम पर उतना अधिक समय बिताता है, जितना वह खुद उचित नहीं मानता और ऐसा निश्चित रूप से होता है।”

मोसेरी ने कहा, “हम अधिकतम सुरक्षा सुनिश्चित करने की कोशिश करते हैं, लेकिन साथ ही न्यूनतम सेंसरशिप भी रखना चाहते हैं।”

विशेषकर जब ‘बॉडी डिस्मॉर्फिया’ और ‘कॉस्मेटिक फिल्टर’ पर चर्चा हो रही थी तब अदालत में मौजूद उन अभिभावकों में भावनात्मक प्रतिक्रिया देखी गई, जिनके बच्चों को सोशल मीडिया से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ा है।

हाल के वर्षों में इंस्टाग्राम ने युवाओं की सुरक्षा के लिए कई सुविधाएं और उपकरण जोड़े हैं, हालांकि इनकी प्रभावशीलता पर सवाल उठे हैं।

मेटा इस सप्ताह न्यू मैक्सिको में शुरू हुए एक अलग मुकदमे का भी सामना कर रहा है।

एपी मनीषा सिम्मी

सिम्मी