Seva Teerth and Kartavya Bhavan: कल होगा देश के सबसे खास इमारत ‘सेवा तीर्थ’ का नामकरण.. आजादी के बाद पहली बार बदल जाएगा PM कार्यालय का पता

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Seva Teerth and Kartavya Bhavan Inauguration: अब तक कई मंत्रालय और सरकारी दफ्तर सेंट्रल विस्टा क्षेत्र में अलग-अलग और पुराने भवनों में काम कर रहे थे। इससे कामकाज में दिक्कतें, समन्वय की कमी और रखरखाव पर ज्यादा खर्च जैसी समस्याएं सामने आती थीं। नए भवन इन समस्याओं का समाधान करेंगे।

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  • Publish Date - February 12, 2026 / 01:02 PM IST,
    Updated On - February 12, 2026 / 01:40 PM IST

Seva Teerth and Kartavya Bhavan Inauguration || Image- The Statesman file

HIGHLIGHTS
  • सेवा तीर्थ का नामकरण और उद्घाटन
  • कई मंत्रालय एक ही परिसर में
  • डिजिटल और पर्यावरण अनुकूल भवन

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 फरवरी 2026 को दोपहर करीब 1:30 बजे नए भवन परिसर का नाम ‘सेवा तीर्थ’ घोषित करेंगे। (Seva Teerth and Kartavya Bhavan Inauguration) इसके बाद शाम करीब 6 बजे वह सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन-1 और 2 का औपचारिक उद्घाटन करेंगे और एक जनसभा को संबोधित भी करेंगे।

नया भवन आधुनिक, प्रभावी, पारदर्शी और सुविधाजनक

यह उद्घाटन भारत की प्रशासनिक व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। इसका उद्देश्य शासन को आधुनिक, प्रभावी, पारदर्शी और नागरिकों के लिए अधिक सुविधाजनक बनाना है। अब तक कई मंत्रालय और सरकारी दफ्तर सेंट्रल विस्टा क्षेत्र में अलग-अलग और पुराने भवनों में काम कर रहे थे। इससे कामकाज में दिक्कतें, समन्वय की कमी और रखरखाव पर ज्यादा खर्च जैसी समस्याएं सामने आती थीं। नए भवन इन समस्याओं का समाधान करेंगे।

एक ही भवन में मंत्रालय

‘सेवा तीर्थ’ परिसर में अब प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय एक ही स्थान पर काम करेंगे। पहले ये कार्यालय अलग-अलग जगहों पर स्थित थे। (Seva Teerth and Kartavya Bhavan Inauguration) वहीं कर्तव्य भवन-1 और 2 में वित्त मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय, शिक्षा मंत्रालय, संस्कृति मंत्रालय, कानून एवं न्याय मंत्रालय, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय और जनजातीय कार्य मंत्रालय सहित कई प्रमुख मंत्रालय काम करेंगे।

नया भवन पर्यावरण के अनुकूल

इन नए भवनों में डिजिटल सुविधाएं, जनता के लिए अलग संपर्क क्षेत्र और केंद्रीकृत स्वागत कक्ष बनाए गए हैं। इससे कामकाज में तेजी, बेहतर तालमेल और नागरिकों को सुविधाएं मिलेंगी। भवनों को पर्यावरण के अनुकूल बनाया गया है और इनमें सौर ऊर्जा, जल संरक्षण और कचरा प्रबंधन जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं। साथ ही सुरक्षा के लिए स्मार्ट एंट्री सिस्टम, सीसीटीवी निगरानी और आपातकालीन सेवाओं की आधुनिक व्यवस्था भी की गई है, ताकि अधिकारियों और आगंतुकों को सुरक्षित माहौल मिल सके।

कल कैबिनेट की बैठक

कल यानी शुक्रवार 13 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की जाएगी। (Union Cabinet Meeting Tomorrow) संसद के बजट सत्र के बीच होने वाले इस बैठक को लेकर संभावना जताई जा रही है कि, केंद्र सरकार कई बड़े और अहम प्रस्तावों को हरी झंडी दे सकती है। हालांकि यह बैठक अपने फैसलों से ज्यादा अपने वेन्यू को लेकर चर्चा में है।

क्यों खास है यह कैबिनेट की बैठक? (Modi Cabinet Meeting Updates)

दरअसल यह कैबिनेट बैठक इस लिए भी विशेष है क्योंकि यह मीटिंग PMO के साउथ ब्लॉक परिसर में आयोजित की जाएगी। इस तरह यहां होने वाली यह आखिर मंत्रिमंडल की बैठक होगी। नया पीएमओ यानी सेवा तीर्थ शिफ्ट किया जा चुका है। सम्भवतः अगली बैठक सेवा तीर्थ में आहूत होगी।

गौरतलब है कि, आजादी के बाद पहली बार प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को उसके पुराने स्थान से शिफ्ट कर दिया गया है। प्रधानमंत्री कार्यालय अब नए ‘सेवा तीर्थ’ परिसर में काम शुरू कर चुका है। (Union Cabinet Meeting Tomorrow) इस परिसर में प्रधानमंत्री कार्यालय के साथ-साथ कैबिनेट सचिवालय और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) का कार्यालय भी काम कर रहे है।

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Q1. सेवा तीर्थ परिसर क्या है?

यह नया प्रशासनिक परिसर है जहां पीएमओ और प्रमुख कार्यालय एक साथ काम करेंगे।

Q2. कर्तव्य भवन-1 और 2 में कौन से मंत्रालय होंगे?

वित्त, रक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा सहित कई प्रमुख मंत्रालय यहां कार्य करेंगे।

Q3. नए भवनों की क्या खासियत है?

डिजिटल सुविधाएं, सौर ऊर्जा, जल संरक्षण और उन्नत सुरक्षा व्यवस्था शामिल है।