प्रधानमंत्री मोदी ने इजराइल के राष्ट्रपति के साथ व्यापक वार्ता की
प्रधानमंत्री मोदी ने इजराइल के राष्ट्रपति के साथ व्यापक वार्ता की
(हरिंदर मिश्रा)
यरुशलम, 26 फरवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और इजराइल के राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग ने बृहस्पतिवार को ‘‘बेहद सार्थक’’ और व्यापक वार्ता की, जिसमें उन्होंने शिक्षा, स्टार्टअप, नवाचार, प्रौद्योगिकी और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में सहयोग को और बढ़ाने के तरीकों पर विचार-विमर्श किया।
राष्ट्रपति कार्यालय से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मोदी ने हर्जोग से उनके आधिकारिक आवास पर मुलाकात की, जहां दोनों नेताओं ने सबसे पहले बगीचे में साथ मिलकर एक ‘ओक’ का पौधा लगाया, ‘‘जो दोनों देशों के बीच मित्रता, विकास और साझा भविष्य के निर्माण का प्रतीक है।’’
मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘हमारी बातचीत बेहद सार्थक और व्यापक रही।’’
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘दोनों नेताओं ने शिक्षा, स्टार्टअप, नवाचार, प्रौद्योगिकी और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में सहयोग को और बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा की।’’
बैठक के दौरान, मोदी ने इजराइल पहुंचने पर मिले ‘‘अत्यंत गर्मजोशीपूर्ण और भव्य स्वागत’’ के लिए हर्जोग को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, ‘‘यह इजराइल के लोगों का भारत और भारतीयों के प्रति प्रेम दर्शाता है।’’
उन्होंने इस बात का भी समर्थन किया कि भारत-इजराइल संबंध, विज्ञान, नवाचार या शैक्षणिक संस्थानों जैसे विभिन्न क्षेत्रों में, वैश्विक हित के लिए बहुत कुछ कर सकते हैं।
मोदी ने कहा, ‘‘हमारे बीच विशेष रूप से जल और कृषि जैसे क्षेत्रों में बहुत सकारात्मक चर्चा हुई। भारत अपने यहां, विशेष रूप से कृषि क्षेत्र में, इजराइल के कई अच्छे समाधानों को लागू कर रहा है, और इसके फलस्वरूप हमें शानदार परिणाम मिले हैं।’’
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘मुझे दुनिया के अन्य हिस्सों में विभिन्न अवसरों पर आपसे मिलने का मौका मिला है। आपके विचार बहुत स्पष्ट रहे हैं। आप भारत का बहुत सम्मान करते हैं। भारत के प्रति आपकी प्रतिबद्धता और सम्मान के लिए मैं तहे दिल से आपका आभार व्यक्त करता हूं।’’
प्रधानमंत्री ने हर्जोग को भारत आने का निमंत्रण भी दिया और कहा कि भारत के 1.4 अरब लोग उनका स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं आपको भारत आने का हार्दिक निमंत्रण देता हूं, और जब आप आएं, तो अपनी यात्रा को केवल दिल्ली तक सीमित न रखें, बल्कि भारत के अन्य हिस्सों की यात्रा के लिए भी समय निकालें।’’
हर्जोग ने इजराइल की ऐतिहासिक दूसरी यात्रा के लिए प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद दिया और इजराइल के प्रति भारतीय नेतृत्व के दीर्घकालिक और अटूट समर्थन की प्रशंसा की।
राष्ट्रपति कार्यालय से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, दोनों नेताओं ने नवाचार, प्रौद्योगिकी, शिक्षा, व्यापार और सुरक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में इजराइल और भारत के बीच रणनीतिक साझेदारी के महत्व पर चर्चा की।
इसमें यह भी कहा गया है कि उन्होंने दोनों देशों के लोगों के हित में भारत-पश्चिम एशिया-यूरोप आर्थिक गलियारा पहल सहित क्षेत्रीय साझेदारी और गठबंधनों के विस्तार के अवसरों पर भी चर्चा की।
राष्ट्रपति ने भारत की तीव्र आर्थिक वृद्धि की सराहना करते हुए कहा, ‘‘मेरा मानना है कि भारत पश्चिम एशिया के उज्ज्वल भविष्य का एक अभिन्न अंग है, और यह क्षेत्र भारत के उज्ज्वल भविष्य का एक अभिन्न अंग है। मैंने आपके देश की रिकॉर्ड तोड़ आर्थिक वृद्धि देखी है, जो पूरी दुनिया को आकर्षित कर रही है। यह शानदार है।’’
ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ाने के तरीकों का सुझाव देते हुए, इजराइली नेता ने कहा कि भारतीय और इजराइली विश्वविद्यालयों के पास भविष्य में मिलकर काम करने का ‘सुनहरा अवसर’ है।
राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘इजराइल और भारत के बीच यह संपर्क ग्लोबल साउथ के लाभ के लिए और पूर्वी गोलार्ध के माध्यम से दक्षिण पूर्व एशिया से अमेरिका के संपर्क को मजबूत करने के लिए संपूर्ण भू-रणनीतिक स्थिति को बदल सकता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम जानते हैं कि आप कई क्षेत्रों में विश्व का नेतृत्व कर रहे हैं… और अंत में, मैं यह कहना चाहूंगा कि अब्राहम समझौता, जो क्षेत्र में शांति की दिशा में सुधार लाने का एक मंच हैं, को अब हमें बस लागू करना है।’’
हर्जोग ने भारत की यात्रा के निमंत्रण के लिए प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद दिया।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं इस निमंत्रण को सहर्ष स्वीकार करता हूं। यह मेरा कई वर्षों से सपना रहा है, और भारत के कई हिस्से मुझे आकर्षित करते हैं और आपके अद्भुत इतिहास और संस्कृति में मेरी रुचि जगाते हैं, जिसमें सदियों से भारत के यहूदियों की अविश्वसनीय कहानी भी शामिल है, इसलिए यह एक शानदार अवसर होगा।’’
भाषा सुभाष पवनेश
पवनेश

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