ओस्लो, 18 मई (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को नॉर्वे के अपने समकक्ष जोनास गहर स्टोर के साथ व्यापार और निवेश, हरित प्रौद्योगिकी, नीली अर्थव्यवस्था और अन्य प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करते हुए बातचीत की।
स्वीडन से दो दिवसीय दौरे पर यहां पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी का हवाई अड्डे पर नॉर्वे के प्रधानमंत्री स्टोर और स्कैंडिनेवियाई देश के अन्य शीर्ष नेताओं ने स्वागत किया।
यह मोदी की नॉर्वे की पहली यात्रा है, और यह 43 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की भी इस देश की पहली यात्रा है।
प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री स्टोर 19 मई को ओस्लो में आयोजित होने वाले तीसरे नॉर्डिक-भारतीय शिखर सम्मेलन में संयुक्त रूप से भाग लेंगे, जिसमें भारत और नॉर्डिक देश डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड, स्वीडन और नॉर्वे एक साथ आएंगे।
यह शिखर सम्मेलन अप्रैल 2018 में स्टॉकहोम और मई 2022 में कोपेनहेगन में आयोजित पिछले दो शिखर सम्मेलनों पर आधारित होगा और इससे नॉर्डिक देशों के साथ भारत के संबंधों को अधिक रणनीतिक आयाम मिलने की उम्मीद है।
मोदी राजा हेराल्ड पंचम और रानी सोन्जा से मुलाकात करेंगे। वे नॉर्वे के प्रधानमंत्री के साथ भारत-नॉर्वे व्यापार और अनुसंधान शिखर सम्मेलन को भी संबोधित करेंगे।
प्रधानमंत्री के दौरे से पहले विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा था, “वह भारत-नॉर्वे संबंधों में हुई प्रगति की समीक्षा करेंगे और व्यापार व निवेश पर विशेष ध्यान देते हुए, इन संबंधों को और मजबूत करने के रास्ते तलाशेंगे।”
मंत्रालय ने कहा, “यह दौरा भारत-नॉर्वे संबंधों में हुई प्रगति की समीक्षा करने और व्यापार और निवेश पर ध्यान केंद्रित करते हुए, भारत-ईएफटीए व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते के साथ-साथ स्वच्छ और हरित प्रौद्योगिकी और नीली अर्थव्यवस्था का लाभ उठाते हुए, उन्हें और मजबूत करने के रास्ते तलाशने का अवसर प्रदान करेगा।”
यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) में आइसलैंड, लिस्टेंस्टीन, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड शामिल हैं।
प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा से पहले जारी एक बयान में नॉर्वे के प्रधानमंत्री स्टोर ने कहा, “भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र और विश्व का सबसे अधिक आबादी वाला देश है। जलवायु, प्रौद्योगिकी, व्यापार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में भारत एक केंद्रीय भूमिका निभाता है।”
उन्होंने कहा, “यह दौरा वैश्विक अस्थिरता के इस दौर में भारत, नॉर्वे और नॉर्डिक देशों के साथ सहयोग के महत्व को रेखांकित करता है। हम अंतरराष्ट्रीय सहयोग और नियम-आधारित विश्व व्यवस्था को बढ़ावा देने में एकजुट हैं।”
भाषा प्रशांत दिलीप
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