SCO Summit 2026: किर्गिस्तान पहुंचे पीएम नरेंद्र मोदी, एससीओ शिखर सम्मेलन में लेंगे हिस्सा, कर सकते हैं द्विपक्षीय बैठकें

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SCO Summit 2026: पीएम मोदी रविवार को किर्गिस्तान पहुंचे, जहां वह शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे

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  • Publish Date - August 30, 2026 / 10:21 PM IST,
    Updated On - August 30, 2026 / 10:57 PM IST

SCO Summit 2026/Image Credit: X Handle

HIGHLIGHTS
  • पीएम नरेंद्र मोदी रविवार को किर्गिस्तान पहुंचे।
  • पीएम मोदी शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।
  • किर्गिस्तान की मंत्रिपरिषद के अध्यक्ष कासिमालिएव आदिलबेक अलेशोविच ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया।

SCO Summit 2026: नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रविवार को किर्गिस्तान पहुंचे, जहां वह शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे और कई द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे। किर्गिस्तान की मंत्रिपरिषद के अध्यक्ष कासिमालिएव आदिलबेक अलेशोविच ने हवाई अड्डे पर प्रधानमंत्री का स्वागत किया। इस मौके पर कलाकारों ने पारंपरिक किर्गिज नृत्य की प्रस्तुति भी दी।

पीएम मोदी किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सादिर झापारोव के निमंत्रण पर 31 अगस्त से एक सितंबर तक होने वाले 26वें एससीओ शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए बिश्केक पहुंचे हैं। (SCO Summit 2026) चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान ने 2001 में एससीओ की स्थापना की थी। 2017 में भारत और पाकिस्तान एससीओ के पूर्ण सदस्य बने। इसके बाद 2023 में ईरान और 2024 में बेलारूस इसमें शामिल हुए।

कई देशो के नेताओ के साथ बैठक करेंगे पीएम मोदी

SCO Summit 2026: पीएम मोदी के शिखर सम्मेलन से इतर एससीओ के सदस्य देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें करने की संभावना है, जिनमें किर्गिज राष्ट्रपति झापारोव और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शामिल हैं। प्रधानमंत्री ने शनिवार को मध्य एशियाई देशों की यात्रा पर रवाना होते समय कहा था कि वह इस क्षेत्र के लिए भारत के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने को लेकर उत्सुक हैं, जो “सुरक्षा, संपर्क और अवसरों” पर आधारित है।

पीएम मोदी यह भी कहा था कि वह आतंकवाद, अलगाववाद और चरमपंथ के खतरे से मुक्त क्षेत्र बनाने के लिए साथी सदस्यों के साथ मिलकर काम करने के लिए भी तत्पर हैं। (SCO Summit 2026) पीएम मोदी किर्गिस्तान में छठे विश्व घुमंतू खेल के उद्घाटन समारोह में भी शामिल होंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस यात्रा से मध्य एशिया में भारत की रणनीतिक साझेदारी मजबूत होगी, क्षेत्र के साथ सभ्यतागत संबंध गहरे होंगे और शांति, स्थिरता एवं समृद्धि के साझा प्रयासों को आगे बढ़ाया जा सकेगा।

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