पोम्पिओ ने ताइवान के साथ राजनयिक संपर्क स्थापित करने पर लगे प्रतिबंध हटाए

पोम्पिओ ने ताइवान के साथ राजनयिक संपर्क स्थापित करने पर लगे प्रतिबंध हटाए

पोम्पिओ ने ताइवान के साथ राजनयिक संपर्क स्थापित करने पर लगे प्रतिबंध हटाए
Modified Date: November 29, 2022 / 07:47 pm IST
Published Date: January 10, 2021 12:11 pm IST

वाशिंगटन, 10 जनवरी (भाषा) अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने कहा है कि विदेश विभाग अमेरिका और ताइवान के राजयनिकों और अधिकारियों के बीच संपर्क स्थापित करने पर स्वंय लगाए गए प्रतिबंधों को समाप्त कर रहा है। इसी के साथ चीन को ‘खुश’ करने की लंबे समय से जारी नीति खत्म हो गई।

ताइवान को लेकर उठाया गया यह कदम चीन को नाराज कर सकता है और अमेरिका और चीन के बीच तनाव को बढ़ा सकता है।

हालांकि राष्ट्रपति ट्रंप का कार्यकाल 20 जनवरी को खत्म हो रहा है और उनका स्थान जो बाइडन लेंगे।

चीन ताइवान को अपना एक अलग हुआ प्रांत बताता है जो मुख्य भूमि के साथ दोबारा जोड़ा जाएगा, भले ही ऐसा करने के लिए बल का ही इस्तेमाल क्यों न करना पड़े। वहीं ताइवान खुद को स्वायत्त देश बताता है।

पोम्पिओ ने शनिवार को एक बयान में कहा कि कई दशकों से विदेश विभाग ने “हमारे राजनयिकों, सैन्य और अन्य अधिकारियों की उनके ताइवान के समकक्षों के साथ बातचीत को नियमित करने के लिए जटिल आंतरिक प्रतिबंध लगाए हुए थे। “

अमेरिका ने कहा कि गृह युद्ध के बाद 1949 में मुख्य भूमि चीन से अलग होकर बने ताइवान से उसके शुरू से ही करीबी संबंध हैं।

ताइवान को “विश्वसनीय“ और “अनौपचारिक“ साझेदार बताते हुए पोम्पिओ ने कहा कि अधिकारी ताइवान के साथ संपर्क रखने को लेकर पहले जारी किए गए दिशा-निर्देशों को रद्द मानें।

पोम्पिओ ने शनिवार को कहा, ‘ आज मैं ऐलान कर रहा हूं कि मैं (ताइवान के संबंध में) लगाए गए सभी प्रतिबंधों को खत्म कर रहा हूं।’

पोम्पिओ ने कहा कि अमेरिका दुनिया भर में अनौपचारिक साझेदारों के साथ रिश्ते कायम रखता है और इसमें ताइवान कोई अपवाद नहीं है।

उन्होंने पिछले हफ्ते कहा था कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ताइवान को अमेरिकी समर्थन की पुनःपुष्टि करने के लिए संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की राजदूत केली क्राफ्ट ताइवान जाएंगी।

इस कदम का ताइवान ने स्वागत किया है।

ताइवान के विदेश मंत्री जे जोसेफ वू ने ट्वीट किया, ‘ मैं गैर जरूरी प्रतिबंध हटाने के लिए विदेश मंत्री पोम्पिओ और विदेश विभाग का आभार व्यक्त करता हूं। इनसे विगत वर्षों में हमारे संपर्क सीमित हुए थे। मैं ताइवान आश्वासन अधिनियम के लिए कांग्रेस में द्विदलीय समर्थन के लिए भी आभार व्यक्त करता हूं जो पहले के दिशा-निर्देशों की समीक्षा की पैरवी करता है।’

भाषा

नोमान नरेश

नरेश


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