राष्ट्रपति मुर्मू ने उत्तरी मैसेडोनिया में महात्मा गांधी की आवक्ष प्रतिमा का अनावरण किया

राष्ट्रपति मुर्मू ने उत्तरी मैसेडोनिया में महात्मा गांधी की आवक्ष प्रतिमा का अनावरण किया

राष्ट्रपति मुर्मू ने उत्तरी मैसेडोनिया में महात्मा गांधी की आवक्ष प्रतिमा का अनावरण किया
Modified Date: July 22, 2026 / 06:00 pm IST
Published Date: July 22, 2026 6:00 pm IST

(अश्विनी श्रीवास्तव)

(फोटो के साथ)

स्कोप्से (उत्तरी मैसेडोनिया), 22 जुलाई (भाषा) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को यहां एक संग्रहालय में महात्मा गांधी की आवक्ष प्रतिमा का अनावरण किया और कहा कि यह भारत और उत्तरी मैसेडोनिया के बीच मित्रता के साथ-साथ शांति, सहिष्णुता और मानवता के प्रति दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता के प्रतीक के रूप में खड़ी रहेगी।

मुर्मू ने कहा कि महात्मा गांधी भले ही भारत से थे, लेकिन उनका संदेश समूची मानवता के लिए है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के जीवन ने यह सिद्ध किया कि सत्य और अहिंसा कमजोरी के प्रतीक नहीं हैं बल्कि न्याय, गरिमा और स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के मजबूत साधन हैं।

राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘ऐसे समय में जब दुनिया संघर्ष, असहिष्णुता और विभाजन का सामना कर रही है, गांधीजी का संवाद, करुणा और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व में विश्वास आज भी बहुत प्रासंगिक बना हुआ है।’’

राष्ट्रपति भवन ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि मुर्मू और उत्तरी मैसेडोनिया की राष्ट्रपति गोर्डाना सियानोव्स्का-दावकोवा ने स्कोप्ये संग्रहालय में महात्मा गांधी की प्रतिमा का अनावरण किया।

इसमें कहा गया है, ‘‘राष्ट्रपति ने विश्वास व्यक्त किया कि यह प्रतिमा भारत और उत्तरी मैसेडोनिया के बीच मित्रता तथा दोनों देशों की शांति, सहिष्णुता और मानवता के प्रति साझा प्रतिबद्धता के स्थायी प्रतीक के रूप में स्थापित होगी।’’

मुर्मू ने कहा, ‘‘मुझे विश्वास है कि आने वाले वर्षों में हमारे सांस्कृतिक और लोगों के बीच आपसी संबंध और अधिक मजबूत होते रहेंगे।’’

राष्ट्रपति ने कहा कि इस संग्रहालय में आने वाले आगंतुक, विशेष रूप से युवा लोग, इस प्रतिमा के सामने रुकेंगे और गांधीजी के संदेश पर विचार करेंगे।

उन्होंने उम्मीद जताई की कि ‘‘यह अवसर हमारे लोगों के बीच समझ और सहयोग के संबंधों को और मजबूत करेगा तथा उन आदर्शों को बनाये रखेगा जिन्हें महात्मा गांधी ने संजोया था।’’

मुर्मू मंगलवार से उत्तर मैसेडोनिया की दो-दिवसीय यात्रा पर हैं।

भाषा

देवेंद्र नरेश

नरेश


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