यूक्रेन युद्ध लंबा खिंचने के साथ पुतिन जोखिम लेने के प्रति अधिक बेपरवाह हो रहे हैं : नाटो कमांडर

यूक्रेन युद्ध लंबा खिंचने के साथ पुतिन जोखिम लेने के प्रति अधिक बेपरवाह हो रहे हैं : नाटो कमांडर

यूक्रेन युद्ध लंबा खिंचने के साथ पुतिन जोखिम लेने के प्रति अधिक बेपरवाह हो रहे हैं : नाटो कमांडर
Modified Date: September 23, 2026 / 09:10 am IST
Published Date: September 23, 2026 9:10 am IST

तल्लिन (एस्टोनिया), 23 सितंबर (एपी) उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के यूरोप में उप कमांडर ने कहा कि यूक्रेन में युद्ध लंबा खिंचने और पश्चिमी सहयोगियों के बीच विभाजन पैदा करने की कोशिश के बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का रवैया ‘‘लगातार अधिक बेपरवाह, खतरनाक और जोखिम उठाने वाला’’ होता जा रहा है।

एयर चीफ मार्शल सर जॉन स्ट्रिंगर ने मंगलवार को एस्टोनिया में एक सुरक्षा सम्मेलन के दौरान यह चेतावनी दी।

नाटो कमांडर का यह बयान ऐसे समय में आया है जब कुछ यूरोपीय नेताओं ने चेतावनी दी है कि रूस और अधिक साहसी हमलों के जरिए नाटो की सामूहिक रक्षा संधि को परखने की योजना बना रहा है।

स्ट्रिंगर ने चेताया कि नाटो के सदस्य देशों को ‘‘तनावपूर्ण माहौल’’ के प्रति सचेत रहने और अपनी प्रतिक्रिया में सावधानी बरतने की जरूरत है, क्योंकि पुतिन गठबंधन को ‘‘अति प्रतिक्रिया’’ के लिए उकसाना चाहेंगे।

पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने पिछले सप्ताह कहा था कि रूस नाटो देशों को जानबूझकर ड्रोन या मिसाइल हमलों से निशाना बना सकता है और बाद में उन्हें दुर्घटनावश हुआ हमला बता सकता है।

रूस की सीमा से लगे एस्टोनिया, लातविया और लिथुआनिया के अधिकारियों ने भी गंभीर रूप से तनाव बढ़ने की आशंका को लेकर अधिक सतर्क रुख अपनाया है। ये देश वर्षों से पश्चिमी देशों से रूस के प्रति अधिक आक्रामक रुख अपनाने का आह्वान करते रहे हैं।

एस्टोनिया के प्रधानमंत्री क्रिस्टेन माइकल ने इसी सुरक्षा सम्मेलन में कहा कि खतरा कितना गंभीर है, इसे लेकर कई अलग-अलग राय हैं… लेकिन लापरवाही के प्रति रूस का रवैया’’ और नाटो के पड़ोसी देशों को जानबूझकर निशाना बनाना ‘‘लगभग एक जैसा’’ है।

स्ट्रिंगर और माइकल दोनों ने कहा कि रूस की ओर से गुप्त हमलों में बढ़ोतरी नाटो देशों की ओर से उन्हें रोकने में विफल रहने के कारण नहीं, बल्कि यूक्रेन को पश्चिमी देशों के समर्थन के सीधे परिणामस्वरूप हुई है।

स्ट्रिंगर ने कहा कि पुतिन नाटो के सहयोगी देशों के बीच विभाजन पैदा करने की कोशिश में ‘‘कई तरह के कदम’’ उठा रहे हैं, क्योंकि यूक्रेन में उनका अभियान कमजोर स्थिति में चल रहा है।

माइकल ने रूसी नेता की तुलना ‘‘कोने में घिरे चूहे’’ से की। उन्होंने कहा कि रूस दबाव में है और ऐसे समय में यूक्रेन के लिए पश्चिमी देशों के समर्थन को समाप्त करने की कोशिश के तहत यूरोप में अपनी गतिविधियां बढ़ा रहे हैं।

स्ट्रिंगर ने कहा कि ‘‘दुर्घटनावश और जानबूझकर किए गए कृत्य के बीच अंतर काफी महीन है।’’

उन्होंने उन ड्रोन के नाटो के हवाई क्षेत्र में घुसने का जिक्र किया, जो रूसी जीपीएस जैमिंग या यूक्रेन के ड्रोन हमलों से बचाव के लिए किए गए अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपायों के कारण अपने निर्धारित मार्ग से भटक जाते हैं।

इस साल मई में जब ‘एपी’ (एसोसिएटेड प्रेस) ने पुतिन से पूछा कि क्या रूस पश्चिमी देशों के खिलाफ गुप्त अभियान चला रहा है, तो उन्होंने जवाब दिया, ‘‘एक भी साबित तथ्य बताइए।’’

एपी रंजन गोला

गोला


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