ऑनलाइन लर्निंग कार्यक्रम में नस्लवादी, महिला विरोधी सामग्री : अभिभावक
ऑनलाइन लर्निंग कार्यक्रम में नस्लवादी, महिला विरोधी सामग्री : अभिभावक
होनोलूलू (अमेरिका) पांच अक्टूबर (एपी) जैन टिमटिम अपनी आठवीं कक्षा में पढ़ने वाली बेटी को कोरोना वायरस के कारण पढ़ने के लिए स्कूल नहीं भेजना चाहतीं, लेकिन ऑनलाइन कक्षाएं भी उन्हें रास नहीं आ रही हैं, जिनमें रानी लिलउओकलानी का उच्चारण और हिज्जे दोनों ही गलत सिखाया जा रहा है।
लिलउओकलानी हवाई राजशाही की अंतिम शासक थीं।
टिमटिम की बेटी मूल रूप से हवाई की है और हवाई भाषा ही बोलती है। उन्होंने कहा कि ऐसी गलती बेहद निराशाजनक है।
टिमटिम ने कहा कि स्कूल के शुरू होने से पहले उन्होंने कई माता-पिता से ‘एकेलस’ पर नस्लवादी, ‘सेक्सिस्ट’ (महिला विरोधी) और अन्य आपत्तिजनक सामग्री होने की शिकायत सुनी थी।
‘एकेलस’ एक ऑनलाइन कार्यक्रम है, जिसका इस्तेमाल छात्रों को घर से पढ़ाई कराने के लिए किया जाता है।
कम्पनी के अनुसार देशभर में हजारों स्कूल ‘एकेलस’ का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन अभिभावकों की बढ़ती शिकायतों के कारण कुछ जिले इसके इस्तेमाल पर पुन:विचार करने को मजबूर हो गए हैं।
‘एकेलस’ पर नस्लवादी सामग्री से परेशान अपनी सातवीं कक्षा में पढ़ने वाली बेटी का नाम ‘कैलुआ इंटरमीडिएट स्कूल’ से हटवाने वाली एड्रिएन रोबिलार्ड ने कहा कि अगर हम घर पर नहीं होते थे, जो हमें इसको लेकर चिंता होती थी।
स्कूल अधिकारियों के हालांकि बिना ‘एकेलस’ के उनकी बेटी को घर से पढ़ाई करने की अनुमति देने के बाद उन्होंने वापस अपनी बेटी का दाखिला स्कूल में करा दिया।
‘एकेलस’ से सम्पर्क करने की बहुत कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने ‘एपी’ के किसी फोन का जवाब नहीं दिया।
अभिभावकों को एक ऑनलाइन संदेश में, संस्थापक रोजर बिलिंग्स ने विवाद को ‘‘एक सोची-समझी साजिश’’ करार दिया और कहा , ‘‘ उन्हें कोई नस्लवादी या ‘सेक्सिस्ट’ (महिला विरोधी) सामग्री नहीं मिली।
एपी निहारिका दिलीप
दिलीप

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