UNO on Record Breaking Heat: पांच सालों में और भी ‘टेम्प्रेचर का टॉर्चर’, पड़ेगी और भी भीषण गर्मी, दुनिया के इस सबसे प्रतिष्ठित संगठन के दावे ने बढ़ाई चिंता, आप खुद पढ़ें

Record-breaking heat over the next five years: संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में अगले पांच वर्षों में पृथ्वी का तापमान खतरनाक स्तर पार करने की चेतावनी दी गई।

UNO on Record Breaking Heat: पांच सालों में और भी ‘टेम्प्रेचर का टॉर्चर’, पड़ेगी और भी भीषण गर्मी, दुनिया के इस सबसे प्रतिष्ठित संगठन के दावे ने बढ़ाई चिंता, आप खुद पढ़ें

Record-breaking heat over the next five years || Image- Instagram File

Modified Date: May 28, 2026 / 10:54 pm IST
Published Date: May 28, 2026 10:45 pm IST
HIGHLIGHTS
  • अगले पांच वर्षों में तापमान 1.5 डिग्री सीमा पार कर सकता है।
  • वैज्ञानिकों ने सूखा, बाढ़ और भीषण गर्मी बढ़ने की चेतावनी दी।
  • 2024 का सबसे गर्म वर्ष रिकॉर्ड फिर टूटने की आशंका जताई गई।

वाशिंगटन: संयुक्त राष्ट्र की नयी जलवायु रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि अगले पांच वर्षों के दौरान पृथ्वी का तापमान कई बार उस अंतरराष्ट्रीय सीमा से ऊपर जा सकता है, जिसे अब तक सुरक्षित माना जाता रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, इस दौरान पृथ्वी के सबसे गर्म वर्ष का रिकॉर्ड भी कई बार टूट सकता है। (UNO Alert on Record Breaking Heat) विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ) ने यह भी अनुमान जताया है कि 2030 तक आर्कटिक क्षेत्र का तापमान करीब 1.66 डिग्री सेल्सियस बढ़ सकता है। इसके साथ ही अमेजन क्षेत्र में गंभीर सूखे और वनाग्नि का खतरा भी बढ़ सकता है। वैज्ञानिकों ने कहा कि कोयला, तेल और गैस के इस्तेमाल से बढ़ रही वैश्विक गर्मी के कारण बाढ़, सूखा और भीषण गर्मी जैसी चरम मौसमी घटनाएं अधिक होंगी।

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संयुक्त राष्ट्र की जलवायु एजेंसी और ब्रिटेन के मौसम विभाग की रिपोर्ट में कहा गया है कि 2026 से 2030 के बीच औसत वैश्विक तापमान के औद्योगिक क्रांति से पहले के स्तर की तुलना में 1.5 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहने की 75 प्रतिशत आशंका है। यही वह सीमा है जिसे 2015 के पेरिस जलवायु समझौते में सुरक्षित माना गया था। रिपोर्ट में कहा गया है कि तापमान में मामूली वृद्धि भी मौत, खतरे और जीव-जंतुओं की प्रजातियों के नुकसान का कारण बन सकती है। प्रवाल भित्तियों और ग्लेशियर जैसे कई प्राकृतिक तंत्र इस अतिरिक्त दबाव को सहन नहीं कर पाएंगे।

‘सबसे गर्म वर्ष के रिकॉर्ड के टूटने की आशंका 86 प्रतिशत’ UNO

डब्ल्यूएमओ की रिपोर्ट के अनुसार, अगले पांच वर्षों में कम से कम एक वर्ष के 1.5 डिग्री सेल्सियस की सीमा पार करने की 91 प्रतिशत आशंका है। वहीं, 2024 में बने पृथ्वी के सबसे गर्म वर्ष के रिकॉर्ड के टूटने की आशंका 86 प्रतिशत बताई गई है। रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि 2030 तक हर वर्ष का तापमान 19वीं सदी के अंत की तुलना में 1.3 से 1.9 डिग्री सेल्सियस अधिक रहेगा। (UNO Alert on Record Breaking Heat) ब्रिटेन के मौसम विभाग की जलवायु वैज्ञानिक और रिपोर्ट की सह-लेखिका मेलिसा सीब्रुक ने कहा, “1.5 डिग्री सेल्सियस कोई ऐसी अंतिम सीमा नहीं है जिसके बाद सब कुछ अचानक बदल जाएगा। लेकिन हर 0.1 डिग्री तापमान वृद्धि के साथ असर और गंभीर होता जाएगा।”

लंदन के इंपीरियल कॉलेज की जलवायु वैज्ञानिक फ्रेडरिक ओटो ने कहा कि यदि पूरा साल या उससे अधिक समय तक तापमान 1.5 डिग्री से ऊपर रहता है, तो दुनिया को ऐसे चरम मौसम का सामना करना पड़ेगा जो अब तक के अनुभव से कहीं अधिक गंभीर होगा। कम अवधि के लगभग सभी मौसम पूर्वानुमानों में शक्तिशाली ‘अल नीनो’ बनने की संभावना जताई गई है। अल नीनो प्रशांत महासागर के मध्य हिस्से में होने वाली प्राकृतिक गर्मी है, जो दुनियाभर के मौसम को प्रभावित करती है और वैश्विक तापमान बढ़ाती है। डब्ल्यूएमओ ने कहा कि इसका असर 2028 तक रह सकता है। सीब्रुक के अनुसार, इसी कारण 2027 में 2024 का गर्मी का रिकॉर्ड टूट सकता है।

‘गंभीर मानवीय और आर्थिक दुष्प्रभाव सामने आ रहे’ : UNO

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संयुक्त राष्ट्र के जलवायु प्रमुख साइमन स्टिल ने कहा, “हाल के वर्षों में कुछ प्रगति जरूर हुई है, लेकिन वैश्विक तापमान वृद्धि को रोकने के प्रयास अभी भी पीछे छूट रहे हैं। यूरोप, भारत और दुनिया के अन्य हिस्सों में पड़ रही भीषण गर्मी यह दिखाती है कि अब भी भारी मात्रा में कोयला, तेल और गैस का इस्तेमाल हो रहा है जिसके गंभीर मानवीय और आर्थिक दुष्प्रभाव सामने आ रहे हैं।” (UNO Alert on Record Breaking Heat) उन्होंने कहा, “चाहे वह भीषण गर्मी हो, बड़े तूफान, बाढ़, वनाग्नि या खाद्य आपूर्ति और कीमतों को प्रभावित करने वाला सूखा हो, दुनिया का हर देश इस वैश्विक जलवायु संकट की भारी कीमत चुका रहा है।”

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