गर्भपात का विरोध करने वाले धार्मिक नेताओं ने कोविड-19 टीके के इस्तेमाल का समर्थन किया

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गर्भपात का विरोध करने वाले धार्मिक नेताओं ने कोविड-19 टीके के इस्तेमाल का समर्थन किया

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  • Publish Date - January 10, 2021 / 04:53 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:15 PM IST

वॉशिंगटन, 10 जनवरी (एपी) अमेरिका में गर्भपात का विरोध करने वाले धार्मिक नेता अपने अनुयायियों से कह रहे हैं कि वे कोविड-19 संक्रमण से लड़ने के लिए मौजूद प्रमुख टीके लगवा सकते हैं।

डलास के गर्भपात विरोधी धार्मिक नेता और साउदर्न बैपटिस्ट मेगाचर्च के पादरी रॉबर्ट जेफरेस ने टीके को ‘‘भगवान का वर्तमान रूप’’ बताया।

जेफरेस ने ई-मेल के मार्फत बताया, ‘‘भगवान से सहायता मांगना और टीका लगवाने से इंकार करना ऐसा है मानो आपके घर में आग लगी है और आप सहायता के लिए 911 नंबर पर फोन करते हैं और फिर अग्निशमन कर्मियों को घर में नहीं घुसने देते हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘टीका लेने में कोई वैध धार्मिक कारण नहीं है।’’

साउदर्न बैपटिस्ट थियोलॉजिकल सेमिनरी के अध्यक्ष रेव. अल मोहलर ने भी टीके की प्रशंसा की।

उन्होंने अपनी वेबसाइट पर कहा कि मैं इसे न केवल अपने अच्छे स्वास्थ्य की उम्मीद में लगवाऊंगा बल्कि दूसरों को भी टीका लगवाने के लिए प्रेरित करूंगा।

यूएस कान्फ्रेंस ऑफ कैथोलिक बिशप्स ने पिछले महीने कहा था कि कोरोना वायरस के खिलाफ टीका लगवाने को ‘‘अपने समुदाय के दूसरे सदस्यों के प्रति चैरिटी समझा जाना चाहिए।’’

कई बिशप ने कहा कि अमेरिका में इस्तेमाल के लिए मंजूरी मिले फाइजर और मॉर्डना के टीकों का कैथोलिकों द्वारा इस्तेमाल नैतिक रूप से स्वीकार्य है।

हालांकि बिशपों ने कहा कि एस्ट्राजेनेका द्वारा विकसित और ब्रिटेन तथा कुछ अन्य देशों में मंजूरी मिले टीके की गुणवत्ता अच्छी नहीं है और अगर विकल्प मौजूद है तो उसे लेने से बचा जाना चाहिए।

कोलेराडो में भी चार बिशप ने अपना बयान जारी कर एस्ट्राजेनेका के प्रति नकारात्मक रूख प्रदर्शित किया और कहा कि यह ‘‘नैतिक रूप से वैध विकल्प नहीं है।’’

एपी नीरज नरेश

नरेश