आरएसएस प्रमुख ने मंदिरों और गुरुद्वारे की यात्रा के साथ शुरू किया ब्रिटेन दौरा

आरएसएस प्रमुख ने मंदिरों और गुरुद्वारे की यात्रा के साथ शुरू किया ब्रिटेन दौरा

आरएसएस प्रमुख ने मंदिरों और गुरुद्वारे की यात्रा के साथ शुरू किया ब्रिटेन दौरा
Modified Date: September 4, 2026 / 09:57 pm IST
Published Date: September 4, 2026 9:57 pm IST

लंदन, चार सितंबर (भाषा) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने शुक्रवार को लंदन में मंदिरों और एक गुरुद्वारे की यात्रा के साथ ब्रिटेन के दौरे की शुरुआत की। आरएसएस ने यह जानकारी दी।

आरएसएस की केंद्रीय कार्यकारी टीम के सदस्य सुनील आंबेकर और ब्रिटेन दौरे के समन्वयक ‘इंटीग्रल यूके’ के संयोजक रोहित आंबेकर ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि आरएसएस प्रमुख अपने दौरे के दौरान धार्मिक नेताओं, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और अन्य प्रमुख हस्तियों से मुलाकात करेंगे।

उन्होंने कहा कि आरएसएस प्रमुख के दौरे का उद्देश्य संगठन की निस्वार्थ सेवा और सामाजिक समरसता के अनुभवों तथा ‘‘वसुधैव कुटुंबकम’’ की भावना को साझा करना है।

उन्होंने कहा कि लंदन का कार्यक्रम आरएसएस की शताब्दी वर्ष से जुड़े तीन देशों के संपर्क अभियान के तहत भागवत के अमेरिका और कनाडा दौरे में दिए गए संदेश को आगे बढ़ाता है।

उन्होंने कहा, ‘‘अंतरधार्मिक संवाद के तहत भागवत ने विल्सडन स्थित श्री स्वामीनारायण मंदिर और खालसा जथा ब्रिटिश आइल्स गुरुद्वारे की यात्रा की। वह लंदन स्थित एक जैन मंदिर भी जाएंगे।’’

रविवार को ‘एकता का उत्सव’ विषय के तहत सामुदायिक नेताओं का स्वागत समारोह और ‘सभ्यतागत संवाद’ कार्यक्रमों का आयोजन होगा।

प्रवक्ताओं ने कहा, ‘‘इस कार्यक्रम की शुरुआत हिंदू स्वयंसेवक संघ (एचएसएस) यूके ने की है, जो 1966 में ब्रिटेन में स्थापित एक हिंदू सामाजिक और सांस्कृतिक संगठन है। इसे इंटीग्रल यूके का सहयोग प्राप्त है। इस समारोह में ब्रिटेन भर के 310 से अधिक सामुदायिक संगठनों और संस्थाओं के शामिल होने की संभावना है।’’

भागवत बुधवार को लंदन पहुंचे और बृहस्पतिवार को अपने कार्यक्रम की शुरुआत ‘‘बंद कमरे में बैठकों’’ तथा कारोबार और राजनीति से जुड़े प्रवासी भारतीय समुदाय के प्रमुख लोगों की एक बड़ी सभा के साथ की।

सुनील आंबेकर ने कहा, ‘‘ब्रिटेन के लोग आरएसएस के बारे में जानने को लेकर काफी उत्सुक हैं। मोहन भागवत जी ने इन सभी मुद्दों पर बात की…कार्यक्रम में भारतीय मूल के ब्रिटिश नागरिकों के साथ-साथ संसद से जुड़े ब्रिटिश नेता, कारोबारी जगत के लोग, ब्रिटेन के करोड़पति और अरबपति, अन्य कंपनियों के प्रतिनिधि और विभिन्न कंपनियों से जुड़े लोग भी शामिल हुए।’’

हालांकि, प्रवक्ता ने प्रतिभागियों के बारे में और जानकारी साझा करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम ‘गोपनीयता’ के साथ आयोजित किया गया था, ताकि चर्चा स्वतंत्र रूप से हो सके।

भाषा आशीष पवनेश

पवनेश


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