आरएसएस प्रमुख भागवत ने ब्रिटिश सिख समुदाय के साथ सार्थक बातचीत की

आरएसएस प्रमुख भागवत ने ब्रिटिश सिख समुदाय के साथ सार्थक बातचीत की

आरएसएस प्रमुख भागवत ने ब्रिटिश सिख समुदाय के साथ सार्थक बातचीत की
Modified Date: September 6, 2026 / 08:33 pm IST
Published Date: September 6, 2026 8:33 pm IST

(अदिति खन्ना)

लंदन, छह सितंबर (भाषा) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने लंदन में भारत के बाहर सबसे पुराने गुरुद्वारे में ब्रिटिश सिख समुदाय के साथ ‘सार्थक बातचीत’ की। राज्यसभा सदस्य विक्रमजीत सिंह साहनी ने रविवार को यह जानकारी दी।

अमेरिका और कनाडा की यात्रा के बाद विदेश दौरे के अंतिम चरण में ब्रिटेन पहुंचे भागवत ने इस सप्ताह की शुरुआत में लंदन स्थित ऐतिहासिक खालसा जत्था ब्रिटिश आइल्स गुरुद्वारा साहिब के दर्शन किए थे।

यह भारत के बाहर सबसे पुराने गुरुद्वारों में से एक है और इसकी स्थापना 1908 में हुई थी।

उन्होंने लंदन के विल्सडन स्थित श्री स्वामीनारायण मंदिर के भी दर्शन किए, जहां जन्माष्टमी का उत्सव मनाया जा रहा था।

साहनी ने एक बयान में कहा, ‘श्री मोहन भागवत ने रुमाला साहिब अर्पित किया, कड़ा प्रसाद ग्रहण किया और गुरुद्वारा प्रबंधन के साथ सार्थक बातचीत की।’

उन्होंने कहा कि सिख परंपराओं के अनुसार, गुरु दरबार में हर उस श्रद्धालु का स्वागत है, जो ‘पूरी विनम्रता के साथ प्रार्थना करने और गुरु का आशीर्वाद लेने’ आता है।

भागवत लंदन के एक सामुदायिक केंद्र में अपने ब्रिटेन दौरे के सबसे प्रमुख सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम का विषय ‘एकता का उत्सव’ रखा गया है।

आरएसएस की केंद्रीय कार्यकारी टीम के सदस्य सुनील आंबेकर ने पत्रकारों से कहा, ‘यह कार्यक्रम हिंदू स्वयंसेवक संघ (एचएसएस) यूके की ओर से आयोजित किया गया है। एचएसएस-यूके ब्रिटेन में 1966 में स्थापित एक हिंदू सामाजिक व सांस्कृतिक संगठन है, जिसे इंटीग्रल यूके का समर्थन प्राप्त है। इस उत्सव में पूरे ब्रिटेन के 310 से अधिक सामुदायिक संगठनों और संस्थाओं के शामिल होने की उम्मीद है।’

भागवत की विदेश यात्रा सोमवार को समाप्त होने की उम्मीद है, जिसके बाद वह भारत लौटेंगे।

भाषा जोहेब नरेश

नरेश


लेखक के बारे में