रुबियो ने बढ़ते मतभेदों के बावजूद ‘ट्रांस अटलांटिक’ संबंधों को बनाए रखने की इच्छा जताई
रुबियो ने बढ़ते मतभेदों के बावजूद ‘ट्रांस अटलांटिक’ संबंधों को बनाए रखने की इच्छा जताई
म्यूनिख, 14 फरवरी (एपी) अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के तहत अमेरिका और यूरोप के संबंधों का मैत्रीपूर्ण और आश्वस्त करने वाला आकलन प्रस्तुत करते हुए शनिवार को कहा कि पिछली आलोचनाओं का कठोर लहजे का उद्देश्य ‘ट्रांस-अटलांटिक’ संबंधों में नई शुरुआत को प्रोत्साहित करना था।
रुबियो म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। ठीक एक साल पहले इसी सम्मेलन में अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वैंस ने यूरोपीय मूल्यों की कड़ी आलोचना करके उपस्थित लोगों को चौंका दिया था।
शुक्रवार को जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने इस वर्ष के सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए अमेरिका और यूरोप से ‘ट्रांस-अटलांटिक’ विश्वास को एक साथ पुनर्स्थापित और पुनर्जीवित करने का आह्वान किया। मर्ज ने कहा कि एक ऐसी दुनिया में जहां पुरानी व्यवस्था कमजोर पड़ चुकी है, वहां अमेरिका भी अकेले आगे बढ़ने के लिए पर्याप्त शक्तिशाली नहीं है।
रुबियो ने तर्क दिया कि शीत युद्ध में पश्चिम की विजय के ‘उत्साह’ ने ‘एक खतरनाक भ्रम को जन्म दिया कि हम संघर्षपूर्ण इतिहास को पीछे छोड़ चुके हैं और अब हर राष्ट्र एक उदार लोकतंत्र होगा, व्यापार और वाणिज्य के माध्यम से बने संबंध राष्ट्रीयता को बदल देंगे … अब हम एक ऐसी दुनिया में रहेंगे जहां कोई सीमा नहीं होगी और कोई विश्व नागरिक बन जाएगा।’’
पिछले साल वेंस के रुख की तुलना में कहीं कम टकराव वाला दृष्टिकोण अपनाते हुए, उन्होंने स्वीकार किया कि ट्रंप प्रशासन ने अपने रुख को स्पष्ट रूप से व्यक्त किया है, लेकिन यह भी स्पष्ट कर दिया कि वह उनसे पीछे नहीं हटेगा।
रुबियो ने कहा, ‘‘हमने ये गलतियां मिलकर की हैं और अब हम सब मिलकर अपने लोगों के प्रति जवाबदेह हैं कि इन तथ्यों का सामना करें और पुनर्निर्माण के लिए आगे बढ़ें।’’
एपी
संतोष पवनेश
पवनेश

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