रूस-चीन संबंध मौजूदा अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य में “बहुमूल्य” : चिनफिंग

रूस-चीन संबंध मौजूदा अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य में “बहुमूल्य” : चिनफिंग

रूस-चीन संबंध मौजूदा अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य में “बहुमूल्य” : चिनफिंग
Modified Date: April 15, 2026 / 03:50 pm IST
Published Date: April 15, 2026 3:50 pm IST

बीजिंग, 15 अप्रैल (एपी) चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने बुधवार को कहा कि बदलावों और उथल-पुथल के दौर से गुजर रहे अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य में चीन-रूस संबंधों में मौजूद स्थिरता और निश्चितता खास तौर पर “बहुमूल्य” है।

बीजिंग में रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से मुलाकात के दौरान चिनफिंग ने कहा कि इस तरह की पृष्ठभूमि में दोनों देशों के बीच मैत्री संधि की मजबूत जीवंतता और अनुकरणीय महत्व और भी अधिक स्पष्ट रूप से उभरकर सामने आया है।

सरकारी प्रसारक ‘सीसीटीवी’ की खबर के मुताबिक, चिनफिंग ने कहा कि चीन और रूस को दोनों देशों के वैध हितों और ‘ग्लोबल साउथ’ के देशों की एकता की रक्षा करने के लिए अपने गहरे एवं मजबूत रणनीतिक सहयोग का इस्तेमाल करने की जरूरत है।

खबर के अनुसार, चीनी राष्ट्रपति ने दोनों देशों से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की प्रमुख शक्तियों और स्थायी सदस्यों के रूप में अपनी जिम्मेदारियों और प्रतिबद्धता का प्रदर्शन करने का भी आह्वान किया।

खबर में चिनफिंग के हवाले से कहा गया है, “बहुपक्षवाद का दृढ़ता से समर्थन करें और उसे अमल में लाएं। संयुक्त राष्ट्र की ताकत और महत्व को पुनर्जीवित करने के लिए मिलकर काम करें। अधिक न्यायसंगत और तर्कसंगत अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था का निर्माण करें।”

इसमें कहा गया है कि चिनफिंग ने चीन-रूस संबंधों के महत्व पर बल दिया, लेकिन उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य में बदलावों और उथल-पुथल से उनका आशय क्या है। उनकी ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं, जब ईरान युद्ध के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

खबर के मुताबिक, लावरोव ने कहा कि जटिल वैश्विक परिदृश्य में रूस-चीन संबंध लगातार कसौटी पर खरे उतरे हैं, जो व्यापार और निवेश सहयोग में अच्छी प्रगति और संयुक्त राष्ट्र तथा अन्य बहुपक्षीय मंचों पर घनिष्ठ समन्वय से स्पष्ट है।

इसमें लावरोव के हवाले से कहा गया है कि रूस अंतरराष्ट्रीय निष्पक्षता और न्याय को बनाए रखने, द्विपक्षीय संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने तथा विश्व शांति में अधिक योगदान देने सहित अन्य उद्देश्यों के लिए चीन के साथ मिलकर काम करने को तैयार है।

लावरोव अपने चीनी समकक्ष वांग यी के न्योते पर दो दिवसीय यात्रा के लिए मंगलवार को बीजिंग पहुंचे थे।

एपी पारुल माधव

माधव


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