मास्को, सात जून (एपी) रूस की संसद ने कई कानून पारित करके देश को यूरोपीय मानवाधिकार अदालत के फैसलों को नहीं मानने की अनुमति दे दी है। संसद द्वारा मंगलवार को उठाए गए इस कदम ने रूस और यूरोप महाद्वीप के प्रतिष्ठित मानवाधिकार संगठन ‘काउंसिल ऑफ यूरोप’ के बीच संबंधों में आयी दरार को औपचारिक रूप दे दिया है। रूसी संसद के निचले सदन ‘स्टेट डूमा’ द्वारा पारित नये कानूनों के अनुसार, रूसी प्रशासन 15 मार्च के बाद ‘यूरोपीय कोर्ट ऑफ ह्यूमन राइट्स’ द्वारा जारी किसी भी आदेश को मानने के लिए बाध्य नहीं है। गौरतलब है कि रूस ने 15 मार्च को काउंसिल ऑफ यूरोप से अगल होने की घोषणा की थी और संगठन ने अगले ही दिन यूक्रेन के साथ युद्ध को लेकर रूस को संगठन से बाहर निकाल दिया था। गौरतलब है कि हाल के वर्षों में राजनीतिक दुर्भावना से लेकर घरेलू हिंसा तक के मानवाधिकार उल्लंघन के मामलों में रूसी अदालतों में जीत नहीं मिलने पर हजारों की संख्या में रूसी नागरिक अंतिम विकल्प के रूप में यूरोपीय मानवाधिकार अदालत की रूख कर रहे थे। स्टेट डूमा के स्पीकर व्याचेस्लाव वोलोदिन ने सोमवार को टेलीग्राम पर अदालत को ‘‘पश्चिमी राजनीतिज्ञों के हाथों में हमारे देश के खिलाफ राजनीतिक युद्ध का हथियार बताया और कहा कि ‘‘उसके कुछ फैसले रूसी संविधान, हमारे मूल्यों और हमारी परंपराओं के बिल्कुल खिलाफ हैं।’’ वोलोदिन ने इस संबंध में रूस में संविधान संशोधन द्वारा गैरकानूनी करार दिए गए समलैंगिक विवाह को मंजूरी देने की मांग करने वाले अदालत के फैसले के बारे में बताया। ……………..
कीव : यूक्रेन के प्रशासन ने संयुक्त राष्ट्र की परमाणु ऊर्जा एजेंसी के प्रमुख को दक्षिण यूक्रेन में स्थित रूस के नियंत्रण वाले परमाणु संयंत्र का दौरा करने की अनुमति नहीं दी। अंतरराष्ट्रीय नाभिकीय ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के निदेशक राफेल मारीआनो ग्रोस्सी ने कहा कि वह यूरोप के सबसे बड़े परमाणु संयंत्र जोपोरिझझिया का दौरा करके उसकी रक्षा और सुरक्षा में मदद करना चाहते हैं।……..
मास्को : बेहद असंसदीय भाषा का उपयोग करते हुए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन के एक शीर्ष सहयोगी ने देश के विरोधियों की कटु आलोचना की है। यह यूक्रेन युद्ध की पृष्ठभूमि में रूस और पश्चिमी देशों के बीच के बढ़ते तनाव को परिलक्षित करता है। रूस के पूर्व राष्ट्रपति और रूस की सुरक्षा परिषद के मौजूदा उपप्रमुख दमित्रि मेदवेदेव ने रूस के विरोधियों के खिलाफ अपनी कटु आलोचना को स्पष्ट करते हुए कहा, ‘‘मुझे उनसे नफरत है। गालियों का इस्तेमाल करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि ‘‘वे चाहते हैं कि रूस और हम सभी मिट जाएं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन जब तक मैं जिंदा हूं, मैं उन्हें खत्म करने के लिए सबकुछ करूंगा।’’ मेदवेदेव 2008 से 2012 तक रूस के राष्ट्रपति रहे थे और उस दौरान व्लादिमिर पुतिन देश के प्रधानमंत्री थे, क्योंकि बतौर राष्ट्रपति उनका कार्यकाल पूरा हो चुका था।…..
कीव : यूक्रेन राष्ट्रपति के सलाहकार ने कसम खायी है कि यूक्रेन रूस के कब्जे से अपनी सारी जमीन मुक्त करा लेगा और उन्होंने देशवासियों से धीरज रखने की अपील की है। मंगलवार को जारी एक संक्षिप्त वीडियो में मिखाइलो पोदोल्याक ने कहा, ‘‘हम पीछे हट गए हैं, कुछ हार गए हैं इस खबर से आप डरे नहीं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह साफ है कि रणनीतिक युद्ध चल रहा है। हम कहीं हारते हैं, तो कुछ वापस भी लेते हैं। रूसी सैनिकों की संख्या (यूक्रेन के सैनिकों के मुकाबले) ज्यादा है, उनके पास ज्यादा हाथियार/उपकरण हैं।’’ सलाहकार ने कहा, ‘‘लेकिन हमें सुनिश्चित करना होगा कि हर वह गांव जहां से हम अस्थाई रूप से पीछे हट रहे हैं, उन्हें वापस लें, उसमें रूसियों को भारी कीमत चुकानी पड़े।’’ पोदोल्याक ने इसपर जोर दिया कि यूक्रेन को अभी भी अपने सहयोगियों से हथियार मिलने का इंतजार है।…..
मास्को : रूस के रक्षा मंत्री ने कहा कि रूसी सेना ने पूर्वी यूक्रेन में ज्यादातर हिस्सों पर कब्जा कर लिया है। सेरगी शोइगु ने मंगलवार को कहा कि रूसी सेना ने सेइवेइरोदोनेस्क के आवासीय इलाकों को पूरी तरह मुक्त करा लिया है और उसके बाहरी इलाके में स्थित औद्योगिक क्षेत्र तथा आसपास के कस्बों पर नियंत्रण के लिए लड़ रही है।…..
विलनियस : जर्मन चांसलर ओलाफ स्लॉज शॉल्ज ने कहा कि उनका देश क्षेत्रीय सुरक्षा संबंधी चुनौतियों से निपटने के लिए बाल्टिक क्षेत्र में सैन्य उपस्थिति बढ़ाने को तैयार है। लिथुआनिया यात्रा के दौरान मंगलवार को शॉल्ज ने कहा, ‘‘हम नाटो की पूर्वी शाखा में नये मजबूत ब्रिगेड का गठन करके उसे मजबूत बनाने पर राजी हुए हैं।’’ बाल्टिक देश रूसी क्षेत्र कालिनिनगार्द की सीमा से सटा हुआ है जहां देश का बाल्टिक सागर का सैन्य बेस है। एक ब्रिगेड में 3,000 से 5,000 सैनिक होते हैं। वहीं लिथुआनिया के राष्ट्रपति गितांस नौसेदा ने देश में ज्यादा संख्या में सैनिकों की तैनाती संबंधी जर्मनी की योजना का स्वागत किया।एपी अर्पणा नरेश उमाउमा