ईरान के एक महत्वपूर्ण बंदरगाह पर अमेरिका और इजराइल के हमले को लेकर रूस ने चिंता जताई

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ईरान के एक महत्वपूर्ण बंदरगाह पर अमेरिका और इजराइल के हमले को लेकर रूस ने चिंता जताई

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  • Publish Date - March 20, 2026 / 08:39 PM IST,
    Updated On - March 20, 2026 / 08:39 PM IST

(विनय शुक्ला)

मॉस्को, 20 मार्च (भाषा) रूस ने बुधवार को चेतावनी दी कि ईरान के बंदरगाह बंदर अंजली पर अमेरिका-इजराइल का “गैर-जिम्मेदाराना” हमला कैस्पियन क्षेत्र के देशों को जारी संघर्ष में घसीटने का जोखिम पैदा कर सकता है।

मुंबई को सेंट पीटर्सबर्ग से जोड़ने वाले आईएनएसटीसी का एक प्रमुख पारागमन केंद्र है।

बहु-तरीका वाला अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारा (आईएनएसटीसी) स्वेज नहर को दरकिनार करते हुए मुंबई को ईरान के रास्ते सेंट पीटर्सबर्ग से जोड़ता है, जिससे एशिया और यूरोप के बीच व्यापार को बढ़ावा मिलता है।

स्थानीय मीडिया की खबरों के अनुसार, 18 मार्च को कैस्पियन सागर तट पर स्थित बंदर अंजली में इजराइल-अमेरिकी संयुक्त हमले में सीमा शुल्क भवन और कुछ अन्य संरचनाएं नष्ट हो गईं।

रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने कहा, ‘‘

हम ईरान में इजराइल और अमेरिका के हवाई हमलों के बढ़ते भौगोलिक क्षेत्र को लेकर चिंतित हैं। अमेरिकी-इजराइली गठबंधन पश्चिम एशिया में अपने द्वारा शुरू किए गए युद्ध को लगातार तेज कर रहा है।’’

जखारोवा ने कहा, ‘‘18 मार्च को कैस्पियन सागर पर स्थित ईरानी बंदरगाह अंजली पर बमबारी की गई। यह प्रमुख कैस्पियन बंदरगाह एक महत्वपूर्ण व्यापार और रसद केंद्र है, जिसका उपयोग रूसी-ईरानी व्यापार को समर्थन देने के लिए सक्रिय रूप से किया जाता है।’’

मंत्रालय की वेबसाइट पर जारी एक बयान के अनुसार, उन्होंने कहा कि रूस और अन्य कैस्पियन क्षेत्र के देशों के आर्थिक हित प्रभावित होते हैं, जो इस बंदरगाह के माध्यम से ईरान के साथ परिवहन संपर्क बनाए रखते हैं।

भारत, ईरान और रूस ने 2000 में बहु-मोडल आईएनएसटीसी समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, जिसका उद्देश्य ईरान के रास्ते स्वेज नहर को दरकिनार करते हुए मुंबई को सेंट पीटर्सबर्ग से जोड़ना और एशिया और यूरोप के बीच व्यापार को बढ़ावा देना था। खाड़ी देशों और पाकिस्तान समेत कई देशों ने इस परियोजना में विभिन्न चरणों में भाग लिया है।

भाषा देवेंद्र माधव

माधव