‘न्यू स्टार्ट’ संधि का तभी तक पालन करेंगे जब तक अमेरिका करेगा: रूस

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‘न्यू स्टार्ट’ संधि का तभी तक पालन करेंगे जब तक अमेरिका करेगा: रूस

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  • Publish Date - February 11, 2026 / 07:39 PM IST,
    Updated On - February 11, 2026 / 07:39 PM IST

मॉस्को, 11 फरवरी (एपी) रूस के एक शीर्ष राजनयिक ने बुधवार को कहा कि मॉस्को अमेरिका के साथ की गई अंतिम परमाणु हथियार संधि ‘न्यू स्टार्ट’ के तहत तय की गई सीमाओं का पालन करेगा, बशर्ते वाशिंगटन भी ऐसा ही करे। हालांकि, दोनों देशों के बीच की इस संधि की मियाद पिछले सप्ताह ही समाप्त हो चुकी है।

‘न्यू स्टार्ट’ संधि पांच फरवरी को समाप्त हो गई, जिससे आधी सदी से अधिक समय में पहली बार दो सबसे बड़े परमाणु शस्त्रागारों पर कोई अंकुश नहीं रह गया और अनियंत्रित परमाणु हथियारों की होड़ का डर बढ़ गया है।

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पिछले साल घोषणा की थी कि अगर वाशिंगटन संधि का पालन करता है तो वह एक और साल के लिए संधि की सीमाओं का पालन करने के लिए तैयार हैं।

हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का तर्क है कि वे चाहते हैं कि चीन भी नई संधि का हिस्सा बने, जिसे बीजिंग ने अस्वीकार कर दिया है।

बुधवार को संसद के निचले सदन को संबोधित करते हुए रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि भले ही अमेरिका ने पुतिन के प्रस्ताव पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन रूस न्यू स्टार्ट संधि की सीमाओं का तब तक सम्मान करेगा जब तक अमेरिका भी उनका पालन करता रहेगा।

लावरोव ने सांसदों से कहा, ‘‘राष्ट्रपति द्वारा घोषित रोक तब तक लागू रहेगी जब तक अमेरिका इन सीमाओं का उल्लंघन नहीं करता। हम अमेरिकी सैन्य नीतियों के विश्लेषण के आधार पर जिम्मेदारीपूर्ण और संतुलित तरीके से कार्य करेंगे।’’

लावरोव का बयान एक्सियोस की उस रिपोर्ट के बाद आया है जिसमें दावा किया गया था कि रूसी और अमेरिकी वार्ताकारों ने पिछले सप्ताह अबू धाबी में हुई बातचीत के दौरान कम से कम छह महीने तक समझौते की सीमाओं का पालन करने के लिए एक संभावित अनौपचारिक समझौते पर चर्चा की थी।

इस रिपोर्ट पर क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने शुक्रवार को कहा कि ऐसा कोई भी विस्तार केवल औपचारिक हो सकता है। उन्होंने कहा कि ‘‘इस क्षेत्र में किसी भी अनौपचारिक विस्तार की कल्पना करना मुश्किल है।’’

इसी बीच, पेस्कोव ने पुष्टि की कि रूसी और अमेरिकी वार्ताकारों ने अबू धाबी में भविष्य में परमाणु हथियार पर नियंत्रण को लेकर चर्चा की, जहां मॉस्को, कीव और वाशिंगटन के प्रतिनिधिमंडलों ने यूक्रेन में शांति समझौते पर दो दिवसीय वार्ता की थी।

‘न्यू स्टार्ट’ संधि पर 2010 में तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा और उनके रूसी समकक्ष दिमित्री मेदवेदेव ने हस्ताक्षर किए थे। ‘न्यू स्टार्ट’ मॉस्को और वाशिंगटन के बीच परमाणु हथियारों को सीमित करने के लिए हुए समझौतों की लंबी श्रृंखला का अंतिम समझौता था, जिसकी शुरुआत 1972 में हुए साल्ट-एक समझौते से हुई थी।

न्यू स्टार्ट समझौते के तहत दोनों पक्षों को अधिकतम 700 मिसाइलों और बमवर्षकों विमानों पर अधिकतम 1,550 परमाणु हथियार रखने की अनुमति थी। यह समझौता मूल रूप से 2021 में समाप्त होने वाला था, लेकिन इसे पांच साल के लिए बढ़ा दिया गया था।

इस समझौते में अनुपालन की पुष्टि के लिए व्यापक स्तर पर निरीक्षण की परिकल्पना की गई थी, हालांकि कोविड-19 महामारी के कारण 2020 में ये निरीक्षण रोक दिए गए और फिर कभी शुरू नहीं किये गए।

फरवरी 2023 में पुतिन ने यह कहते हुए मॉस्को की भागीदारी को निलंबित कर दिया कि रूस अपने परमाणु स्थलों के अमेरिकी निरीक्षण की अनुमति नहीं दे सकता खासकर ऐसे समय में जब वाशिंगटन और उसके नाटो सहयोगी खुले तौर पर यूक्रेन में मॉस्को की हार चाहते हैं।

एपी संतोष नरेश

नरेश