मुंबई, 11 फरवरी (भाषा) आयातकों की डॉलर मांग और मौजूदा वैश्विक तनाव के बीच रुपया बुधवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 22 पैसे लुढ़ककर 90.78 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और भू-राजनीतिक तनाव के कारण रुपये में हल्का नकारात्मक रुख है। आयातकों की डॉलर मांग भी स्थानीय मुद्रा पर दबाव डाल रही है। हालांकि, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) के निवेश प्रवाह से रुपये को समर्थन मिल सकता है।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 90.56 प्रति डॉलर पर खुला। कारोबार के दौरान यह 90.46 के ऊपरी और 90.75 के निचले स्तर तक गया। कारोबार के अंत में यह अपने पिछले बंद भाव 90.56 के मुकाबले 22 पैसे की गिरावट के साथ 90.78 पर बंद हुआ।
रुपया मंगलवार को 10 पैसे की बढ़त के साथ 90.56 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा, “आयातकों की डॉलर मांग और भू-राजनीतिक तनाव के कारण रुपया कमजोर हुआ। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने भी दबाव बनाया। हालांकि, कमजोर अमेरिकी डॉलर और विदेशी निवेश प्रवाह ने गिरावट को सीमित रखा। अमेरिका के गैर-कृषि रोजगार और खुदरा बिक्री आंकड़ों के निराशाजनक रहने से डॉलर में कमजोरी आई।”
इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.26 प्रतिशत गिरकर 96.54 पर आ गया।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 1.44 प्रतिशत बढ़कर 69.78 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
घरेलू शेयर बाजार में बीएसई सेंसेक्स 40.28 अंक गिरकर 84,233.64 अंक पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 18.70 अंक की बढ़त के साथ 25,953.85 अंक पर रहा।
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक बाजार में शुद्ध लिवाल रहे। उन्होंने बुधवार को 943.81 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
भाषा राजेश राजेश रमण
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