इस्लामिक क्रांति की 47वीं वर्षगांठ पर पेजेश्कियन ने कहा: हम परमाणु कार्यक्रम पर वार्ता के लिए तैयार

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इस्लामिक क्रांति की 47वीं वर्षगांठ पर पेजेश्कियन ने कहा: हम परमाणु कार्यक्रम पर वार्ता के लिए तैयार

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  • Publish Date - February 11, 2026 / 07:13 PM IST,
    Updated On - February 11, 2026 / 07:13 PM IST

दुबई, 11 फरवरी (एपी) अमेरिका के साथ परमाणु वार्ता अधर में लटकी रहने के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने 1979 की इस्लामिक क्रांति की 47वीं वर्षगांठ पर बुधवार को कहा कि उनका देश अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत करने को तैयार है।

वर्षगांठ समारोह में अपने भाषण में पेजेश्कियन ने कहा, ‘‘हमारा देश परमाणु हथियार बनाने की कोशिश नहीं कर रहा है… और किसी भी तरह के सत्यापन के लिए तैयार है।’’

हालांकि, संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था, ‘‘अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी’’ (आईएईए) महीनों से ईरान के परमाणु भंडार का निरीक्षण और सत्यापन करने में असमर्थ रही है।

ईरान ने भले ही इस्लामिक क्रांति की 47वीं वर्षगांठ मनाई हो, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा पश्चिम एशिया में एक और लड़ाकू विमानवाहक पोत भेजने के सुझाव और देशव्यापी प्रदर्शन कर रही ईरानी जनता के हिंसक दमन की आलोचना के कारण ईरान की धार्मिक सरकार पर दबाव बना हुआ है।

वार्ता सफल होगी या नहीं, यह एक अनिश्चित प्रश्न बना हुआ है और पश्चिम एशियाई देशों को आशंका है कि इसके विफल होने से यह क्षेत्र एक और क्षेत्रीय युद्ध की चपेट में आ सकता है।

ईरान का एक शीर्ष सुरक्षा अधिकारी बुधवार को कतर पहुंचा। इससे पहले वह ओमान का दौरा कर चुका था। ओमान ने वार्ता के इस नवीनतम दौर में मध्यस्थता की है।

अधिकारी के पहुंचने से ठीक पहले, कतर के शासक से ट्रंप की फोन पर बातचीत हुई।

पेजेश्कियन ने अपने संबोधन में कहा, ‘‘अमेरिका और यूरोप ने अपने पिछले बयानों और कार्यों के माध्यम से अविश्वास की जो ऊंची दीवार खड़ी की है, वह इन वार्ताओं को किसी निष्कर्ष तक पहुंचने नहीं देती।’’

उन्होंने यह भी कहा, ‘‘लेकिन, हम अपने पड़ोसी देशों के साथ मिलकर क्षेत्र में शांति और स्थिरता के उद्देश्य से बातचीत में पूरी दृढ़ता से लगे हुए हैं।’’

एपी

राजकुमार सुरेश

सुरेश