सुरक्षा परिषद ने वेस्ट बैंक में नियंत्रण बढ़ाने की इजराइल की कोशिशों की आलोचना की

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सुरक्षा परिषद ने वेस्ट बैंक में नियंत्रण बढ़ाने की इजराइल की कोशिशों की आलोचना की

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  • Publish Date - February 19, 2026 / 10:53 AM IST,
    Updated On - February 19, 2026 / 10:53 AM IST

संयुक्त राष्ट्र, 19 फरवरी (एपी) संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्यों ने बुधवार को गाजा में जारी युद्धविराम समझौते को स्थायी बनाने की पुरजोर मांग करते हुये वेस्ट बैंक में नियंत्रण बढ़ाने की इजराइल की कोशिशों की कड़ी आलोचना की और कहा कि इससे दो-राष्ट्र समाधान की संभावनाओं को गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।

सुरक्षा परिषद के सदस्यों का यह बयान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रस्तावित “बोर्ड ऑफ पीस” बैठक से ठीक एक दिन पहले आया है। इस बैठक में फलस्तीन के क्षेत्रों के भविष्य पर चर्चा की जानी है।

संयुक्त राष्ट्र की उच्चस्तरीय बैठक न्यूयॉर्क में बृहस्पतिवार को होने वाली थी, लेकिन जब ट्रंप ने उसी दिन बोर्ड की बैठक की घोषणा कर दी, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि दोनों बैठकों में शामिल होने की योजना बना रहे राजनयिकों की यात्रा प्रभावित हो सकती है, तो सुरक्षा परिषद की बैठक एक दिन पहले आयोजित कर दी गयी।

यह स्थिति इस बात का संकेत है कि संयुक्त राष्ट्र की सबसे शक्तिशाली संस्था और ट्रंप की नई पहल के बीच एजेंडे के टकराव और समानांतर प्रयासों की संभावना है। वैश्विक संघर्षों में मध्यस्थता करने की इस नई पहल की व्यापक महत्वाकांक्षाओं को लेकर कुछ देशों में चिंता है कि कहीं यह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की भूमिका को चुनौती देने या उसके समकक्ष बनने की कोशिश न करे।

संयुक्त राष्ट्र की 15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद में शामिल पाकिस्तान एकमात्र ऐसा सदस्य है जिसने ‘बोर्ड आफ पीस’ की बैठक में शामिल होने का न्यौता स्वीकार किया है।

सुरक्षा परिषद की बैठक के दौरान पाकिस्तान ने इजराइल की विवादित वेस्ट बैंक बस्ती परियोजना की कड़ी निंदा की और उसे ‘अमान्य एवं अवैध’ बताया। पाकिस्तान ने कहा कि यह ‘‘अंतरराष्ट्रीय कानून का स्पष्ट उल्लंघन’’ है।

पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने कहा, ‘‘इजराइल का वेस्ट बैंक पर नियंत्रण बढ़ाने का हालिया और अवैध फैसला अत्यंत चिंताजनक हैं।’’

ब्रिटेन, इजराइल, जॉर्डन, मिस्र और इंडोनेशिया के विदेश मंत्रियों ने भी सुरक्षा परिषद की इस बैठक में हिस्सा लिया। पिछले सप्ताह कई अरब और इस्लामी देशों ने अनुरोध किया था कि इनमें से कुछ देशों के अधिकारियों के वाशिंगटन रवाना होने से पहले गाजा और वेस्ट बैंक के मुद्दे पर चर्चा की जाए।

संयुक्त राष्ट्र में फलस्तीन के राजदूत रियाद मंसूर ने कहा, ‘‘अधिग्रहण संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के सबसे बुनियादी सिद्धांतों का उल्लंघन है। यह राष्ट्रपति ट्रंप की योजना का भी उल्लंघन है और जारी शांति प्रयासों के लिए खतरा पैदा करता है।”

इजराइल के विदेश मंत्री गिदोन सआर ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान संयुक्त राष्ट्र की बैठक पर नहीं बल्कि बल्कि ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की बैठक पर केंद्रित रहेगा।

सआर ने यह भी आरोप लगाया कि परिषद ‘इजराइल-विरोधी मानसिकता से ग्रस्त’ है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बाइबिल की भूमि पर इजराइल के “ऐतिहासिक अधिकार” से अधिक मजबूत किसी भी अन्य राष्ट्र का अधिकार नहीं है।

एपी रंजन सुरभि

सुरभि