(गुरदीप सिंह)
सिंगापुर, पांच सितंबर (भाषा) सिंगापुर के वरिष्ठ मंत्री के. षणमुगम ने शनिवार को कहा कि नेपाल-तिब्बत में आई भयावह बाढ़ और ‘एअर इंडिया’ में सिंगापुर एयरलाइंस के निवेश को लेकर ऑनलाइन माध्यम से की गई ‘शर्मनाक’ और ‘पूरी तरह अस्वीकार्य’ नस्लवादी टिप्पणियों की सिंगापुर पुलिस जांच कर रही है।
षणमुगम (जो गृह मामलों और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए समन्वय मंत्री भी हैं) ने कहा कि डिजिटल विकास एवं सूचना मंत्रालय सोशल मीडिया मंचों से उन टिप्पणियों को हटाने के लिए भी कहेगा, जो उनके दिशानिर्देशों का उल्लंघन करती हैं।
‘चैनल न्यूज एशिया’ (सीएनए) के अनुसार, षणमुगम ने कहा, ‘‘मैंने पुलिस से इन टिप्पणियों की जांच करने को कहा है।’’
इन टिप्पणियों को ‘शर्मनाक, घृणित और पूरी तरह अस्वीकार्य’ बताते हुए षणमुगम ने कहा कि मीडिया संस्थानों ने कुछ टिप्पणियों को हटा दिया है, क्योंकि वे विशेष रूप से आपत्तिजनक थीं।
उन्होंने कहा, ‘‘इन लोगों की पहचान उजागर की जानी चाहिए और उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए, न कि उन्हें ऑनलाइन गुमनामी की आड़ में छिपने दिया जाना चाहिए।’’
उन्होंने नेपाल में आई अचानक बाढ़ में लापता हुए भारतीयों और सिंगापुर निवासी लोगों को निशाना बनाकर की गई कई नस्लवादी टिप्पणियों का हवाला दिया। इनमें एक टिप्पणी थी, ‘‘मुझे यहां सिर्फ भारतीय चेहरे दिखाई दे रहे हैं। छोड़ो। बचाव अभियान बंद करो।’’
उन्होंने बताया कि एक टिप्पणी में भारतीयों के लिए अपमानजनक ‘एबीएनएन’ शब्द का भी इस्तेमाल किया गया था।
षणमुगम ने कहा कि ये टिप्पणियां ऐसे समय सामने आई हैं, जब नेपाल में 1,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और सिंगापुर के कई नागरिकों का अब तक पता नहीं चल पाया है।
सीएनए की शुक्रवार की रिपोर्ट के अनुसार, नेपाल में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ के बाद सिंगापुर के नौ नागरिक लापता हैं। इस बाढ़ ने उत्तरी और मध्य नेपाल के कस्बों और गांवों में भारी तबाही मचाई और शनिवार तक कम से कम 589 विदेशी नागरिकों के लापता होने की सूचना थी।
षणमुगम ने जोर देकर कहा कि इस तरह की अपमानजनक ऑनलाइन टिप्पणियां सिंगापुर के अधिकतर लोगों की सोच का प्रतिनिधित्व नहीं करतीं। उन्होंने इसका उदाहरण देते हुए बताया कि नेपाल में राहत कार्यों के लिए सिंगापुर रेड क्रॉस ने 30 लाख सिंगापुरी डॉलर (24 लाख अमेरिकी डॉलर) से अधिक की राशि जुटाई है।
उन्होंने कहा, ‘‘सिंगापुर के लोग सभी नस्लों के प्रति उदार हैं। और यह महत्वपूर्ण है कि हम किसी अल्पसंख्यक समूह को पूरे समाज को विषाक्त करने की अनुमति न दें।”
मंत्री ने ऑनलाइन की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों को एअर इंडिया को लेकर फिर से शुरू हुई आलोचना से भी जोड़ा।
यह आलोचना उन खबरों के बाद सामने आई, जिनमें कहा गया था कि एअर इंडिया अपने शेयरधारकों, जिनमें सिंगापुर एयरलाइंस (एसआईए) भी शामिल है, से अतिरिक्त पूंजी जुटाने की मांग कर रही है।
उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर हुई बहस ने ऑनलाइन ‘भारत-विरोधी और नस्लवादी बयानबाजी’ को जन्म दिया।
एक ऑनलाइन समूह ने टेमासेक कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिलहान पिल्लै सांद्रसेगरा को भी निशाना बनाया। भारतीय मूल के सांद्रसेगरा को कंपनी के सिंगापुर एयरलाइंस और एअर इंडिया के साथ संबंधों को लेकर निशाना बनाया गया। सिंगापुर एयरलाइंस में बहुलांश हिस्सेदारी टेमासेक होल्डिंग्स के पास है, जो सिंगापुर सरकार के स्वामित्व वाली निवेश कंपनी है।
भाषा संतोष अविनाश
अविनाश