विकीपीडिया के फाउंडेशन समेत 6 मानवाधिकार समूहों को संयुक्त राष्ट्र ने दी मान्यता, जानिए क्या होगा असर

विकीपीडिया के फाउंडेशन समेत छह मानवाधिकार समूहों को संरा की मान्यता मिली Six human rights groups, including Wikipedia's Foundation, have received UN recognition

विकीपीडिया के फाउंडेशन समेत 6 मानवाधिकार समूहों को संयुक्त राष्ट्र ने दी मान्यता, जानिए क्या होगा असर
Modified Date: November 29, 2022 / 08:48 pm IST
Published Date: July 23, 2022 10:15 am IST

Six human rights groups received UN recognition: संयुक्त राष्ट्र, 23 जुलाई । ऑनलाइन विश्वकोश विकीपीडिया का संचालन करने वाले फाउंडेशन समेत छह मानवाधिकार संगठनों को वर्षों की देरी के बाद आखिरकार संयुक्त राष्ट्र की मान्यता मिल गयी है। वे अब आर्थिक विकास और समाजिक मुद्दों पर नजर रखने वाली संयुक्त राष्ट्र की संस्था में अपने मुद्दे पेश कर सकेंगे और चर्चा में भाग ले सकेंगे।

अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र की गैर सरकारी संगठनों सबंधी एक समिति के समक्ष इन छह समूहों पर मतदान कराने का जून में प्रस्ताव पेश किया था, लेकिन उस समय कोई कदम नहीं उठाया जा सका था। यह समिति संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक परिषद की मान्यता देने के अनुरोधों पर फैसला लेती है। बाद में अमेरिका, इटली, स्वीडन और एस्टोनिया ने एक प्रस्ताव पेश किया, जिस पर बृहस्पतिवार को मतदान हुआ।

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Six human rights groups received UN recognition: इस प्रस्ताव के पक्ष में 23 देशों ने मतदान किया, सात ने इसके खिलाफ मतदान किया और 18 सदस्य देश मतदान से दूर रहे। रूस ने इन छह मानवाधिकार समूहों को परामर्शदाता का दर्जा देने का विरोध किया। चीन, भारत, कजाखस्तान, निकारागुआ, नाइजीरिया और जिम्बाब्वे ने भी इसका विरोध किया।

मानवाधिकार निगरानी संगठन में संयुक्त राष्ट्र के निदेशक लुइस चार्बोनियु ने कहा, ‘‘छह मानवाधिकार समूहों को संयुक्त राष्ट्र की मान्यता देने का फैसला सही दिशा में लिया गया निर्णय है, लेकिन यह उन सैकड़ों संगठनों का महज एक छोटा-सा हिस्सा है, जिनके आवेदन रूस, चीन और अन्य सरकारों ने अनुचित रूप से वर्षों से रोके हुए हैं।’’

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संयुक्त राष्ट्र की मान्यता हासिल करने वाले छह संगठनों में बेलारूस की ‘हेलसिंकी कमेटी’, स्वीडन की‘डायकोनिया’, इटली की ‘नो पीस विदआउट जस्टिस’, ‘एस्टोनिया इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमैन राइट्स’ और अमेरिका के दो समूह ‘सीरियन-अमेरिकन मेडिकल सोसायटी’ और ‘विकीमीडिया फाउंडेशन’ शामिल हैं।

 


लेखक के बारे में

डॉ.अनिल शुक्ला, 2019 से CG-MP के प्रतिष्ठित न्यूज चैनल IBC24 के डिजिटल ​डिपार्टमेंट में Senior Associate Producer हैं। 2024 में महात्मा गांधी ग्रामोदय विश्वविद्यालय से Journalism and Mass Communication विषय में Ph.D अवॉर्ड हो चुके हैं। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से M.Phil और कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर से M.sc (EM) में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। जहां प्रावीण्य सूची में प्रथम आने के लिए तिब्बती धर्मगुरू दलाई लामा के हाथों गोल्ड मेडल प्राप्त किया। इन्होंने गुरूघासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर से हिंदी साहित्य में एम.ए किया। इनके अलावा PGDJMC और PGDRD एक वर्षीय डिप्लोमा कोर्स भी किया। डॉ.अनिल शुक्ला ने मीडिया एवं जनसंचार से संबंधित दर्जन भर से अधिक कार्यशाला, सेमीनार, मीडिया संगो​ष्ठी में सहभागिता की। इनके तमाम प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं में लेख और शोध पत्र प्रकाशित हैं। डॉ.अनिल शुक्ला को रिपोर्टर, एंकर और कंटेट राइटर के बतौर मीडिया के क्षेत्र में काम करने का 15 वर्ष से अधिक का अनुभव है। इस पर मेल आईडी पर संपर्क करें anilshuklamedia@gmail.com