आध्यात्मिक गुरु मोरारी बापू ने हार्वर्ड विश्वविद्यालय में नौ दिवसीय ‘रामचरितमानस’ पाठ की शुरुआत की
आध्यात्मिक गुरु मोरारी बापू ने हार्वर्ड विश्वविद्यालय में नौ दिवसीय ‘रामचरितमानस’ पाठ की शुरुआत की
न्यूयॉर्क, 20 अगस्त (भाषा) भारतीय आध्यात्मिक गुरु मोरारी बापू ने कैम्ब्रिज स्थित हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में ‘रामचरितमानस’ का नौ दिवसीय पाठ शुरू किया।
बापू ने 15 अगस्त को हार्वर्ड के सैंडर्स थिएटर में ‘मानस गुरु प्रसाद’ नाम से यह पाठ शुरू किया। यह पाठ 23 अगस्त तक चलेगा। बुधवार को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार 16 से 18 अगस्त तक तीन दिवसीय विद्वत चर्चा का भी आयोजन होगा।
हार्वर्ड के लक्ष्मी मित्तल एंड फैमिली साउथ एशिया इंस्टीट्यूट की संकाय निदेशक प्रो. डायना एक ने कहा कि राम, सीता और लक्ष्मण को ‘‘आदि तीर्थयात्री’’ के रूप में देखा जा सकता है, जिनकी अयोध्या से रामेश्वरम तक की 14 साल की वनवास यात्रा प्रयाग, चित्रकूट, पंचवटी और किष्किंधा से होते हुए पूरे भारत में हुई थी।
एक ने कहा, ‘‘इस यात्रा के दौरान जैसे जैसे वे आगे बढ़े, ये स्थान पवित्र स्थलों में बदल गए और तभी से तीर्थयात्री उनके पदचिह्नों का अनुसरण करते आ रहे हैं।’’
उन्होंने कहा कि यह यात्रा रामलीला का आधार भी बनी, जो भारत से आगे बढ़कर थाईलैंड, इंडोनेशिया और कंबोडिया तक फैल गई।
‘यूके हाउस ऑफ लॉर्ड्स’ के सदस्य डोलर पोपट ने कहा कि हार्वर्ड का आदर्श वाक्य ‘वेरिटास’, ‘‘सत्य, प्रेम और करुणा’’ के मूल्यों से मेल खाता है, जिससे यह आयोजन और भी सार्थक बन गया।
इस कार्यक्रम में 19 अगस्त को ‘तुलसी जयंती’ भी मनाई गई, जो कवि-संत तुलसीदास की जयंती है।
बापू ने 2010 में तुलसी जयंती कार्यक्रम की शुरुआत उन लोगों के सम्मान में की थी जो राम कथा और ‘रामचरितमानस’ की परंपरा को संरक्षित करने, उसकी व्याख्या करने और उसे आगे बढ़ाने के लिए समर्पित हैं।
बापू ने कहा, ‘‘यह कथा सावन के महीने में तुलसी जयंती के मौके पर हो रही है। आज साधुओं ने जो दीप जलाया, वह ज्ञान का दीप नहीं, बल्कि प्रेम की ज्योति थी।’’
उन्होंने कहा कि यह आयोजन सत्य, प्रेम और करुणा के ‘त्रिभुवन सूत्रों’ पर केंद्रित होगा।
आयोजन टीम के सदस्य पावन पोपट (ओबीई) ने कहा कि इस कार्यक्रम ने ‘‘दुनिया की सबसे पुरानी कथा-वाचन परंपराओं और ज्ञान के सबसे बड़े केंद्रों में से एक’’ को एक साथ ला खड़ा किया है।
उन्होंने बताया कि बापू ने कैलाश मानसरोवर, वेटिकन, संयुक्त राष्ट्र और कैम्ब्रिज में राम कथा का आयोजन किया है।
उन्होंने कहा कि हार्वर्ड में चित्रकूट, अयोध्या और वाराणसी के साधुओं और विद्वानों की मौजूदगी विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
बयान के अनुसार, बापू ने दुनिया भर में 900 से अधिक जगहों पर 980 से ज्यादा कथाएं की हैं, जिनमें वेटिकन, न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय और 2023 में कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी शामिल हैं।
भाषा सुरभि रंजन
रंजन

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