शह मात The Big Debate: ‘लाल आतंक’ का काम तमाम..दिमागी नक्सली पर संग्राम! महंत के बयान पर छिड़ा सियासी घमासान, आखिर कब और कैसे खत्म होगी नक्सली विचारधारा?

CG Politics News: नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि ये मान लेना कि छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद पूरी तरह खत्म हो गया है, जल्दबाजी होगी।

शह मात The Big Debate: ‘लाल आतंक’ का काम तमाम..दिमागी नक्सली पर संग्राम! महंत के बयान पर छिड़ा सियासी घमासान, आखिर कब और कैसे खत्म होगी नक्सली विचारधारा?

CG Politics News/Image Credit: IBC24.in

Modified Date: August 19, 2026 / 11:39 pm IST
Published Date: August 19, 2026 11:34 pm IST
HIGHLIGHTS
  • पीएम मोदी ने ‘दिमागी नक्सल’ का जिक्र किया तब से ये शब्द देश की सियासत में बहस का नया केंद्र बन चुका है।
  • डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि ये मान लेना कि छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद पूरी तरह खत्म हो गया है, जल्दबाजी होगी।
  • महंत के इस बयान पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पलटवार किया।

CG Politics News: रायपुर: जब से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लालकिले से ‘दिमागी नक्सल’ का जिक्र किया तब से ये शब्द देश की सियासत में बहस का नया केंद्र बन चुका है। छत्तीसगढ़ में इस बहस की गूंज बस्तर तक पहुंची। नक्सल हिंसा का दंश झेल चुके परिवारों ने दिल्ली के बाद रायपुर में प्रेस कांफ्रेंस किया। पूर्व केंद्रीय गृहमंत्री पी. चिदंबरम के ‘दिमागी नक्सल’ से जुड़े बयान की निंदा की। पीड़ित परिवारों का कहना है कि नक्सल हिंसा का दर्द झेलने वालों के लिए नक्सलवाद सिर्फ एक राजनीतिक विचार नहीं। बल्कि उनके जीवन और परिवारों को तबाह करने वाली हकीकत रही है। इसी बीच नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि ये मान लेना कि छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद पूरी तरह खत्म हो गया है, जल्दबाजी होगी। उन्होंने सरकार के दावे पर सवाल उठाते हुए इसे बुद्धिमानी नहीं, दिमागी कमजोरी करार दिया। महंत के इस बयान पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि विपक्ष अपने राजनीतिक अस्तित्व और कमजोरी को छिपाने के लिए असत्य का प्रचार कर रही है।

इधर PCC चीफ दीपक बैज ने कहा कि नक्सलवाद की वजह से कांग्रेस ने अपनों को खोया है। (CG Politics News) भाजपा को नक्सलवाद के विषय में ज्ञान देने की कोई जरूरत नहीं है। इस पर मंत्री केदार कश्यप ने कहा जो लोग दिमागी तौर पर नक्सलियों के साथ हैं वही दिमागी नक्सली हैं।

CG Politics News: छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद खात्मे के बाद अब उनकी विचारधारा की लड़ाई का सवाल चहूंओर है। बड़ा सवाल ये है कि क्या नक्सलवाद का खात्मा, हथियारबंद नक्सलियों के अंत से माना जाए? या नक्सलबाड़ी से शुरू हुई विचारधारा का अंत भी उतना ही जरूरी है?

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