श्रीलंका ने न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ाने वाले विवादित संशोधन को मंजूरी दी

Ads

श्रीलंका ने न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ाने वाले विवादित संशोधन को मंजूरी दी

  •  
  • Publish Date - September 25, 2026 / 09:20 PM IST,
    Updated On - September 25, 2026 / 09:20 PM IST

कोलंबो, 25 सितंबर (भाषा) श्रीलंका में न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ाने के प्रावधान वाले 22वें संविधान संशोधन को विपक्ष के विरोध के बावजूद शुक्रवार को मंजूरी दे दी गई।

इस संशोधन के तहत उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष से बढ़ाकर 67 वर्ष और अपीलीय न्यायालय के न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति आयु 63 से बढ़ाकर 65 वर्ष कर दी गई है।

दो दिन तक जारी बहस के अंत में इस संशोधन को संसद में दो-तिहाई बहुमत से मंजूरी दी गई। संशोधन विधेयक के पक्ष में 158 सदस्यों ने मतदान किया, जबकि 63 सदस्यों ने इसके खिलाफ वोट दिया।

सरकार की ओर से वरिष्ठ मंत्री बिमल रत्नायके ने कहा कि यह संशोधन पूरी तरह से न्यायपालिका में सुधार के लिए है, ताकि मामलों के निपटारे में तेजी लाई जा सके।

रत्नायके ने कहा, ‘यह संसद का कार्यकाल बढ़ाने या राष्ट्रपति के कार्यकाल को बढ़ाने के लिए नहीं है, जैसा कि पहले हुआ है।’

श्रीलंका में करीब 11 लाख मामले लंबित हैं।

मुख्य विपक्षी नेता सजित प्रेमदासा ने कहा कि यह संशोधन स्पष्ट रूप से न्यायपालिका की स्वतंत्रता को कमजोर करने के उद्देश्य से लाया गया।

प्रेमदासा ने कहा, ‘इससे लोकतंत्र गंभीर रूप से खतरे में पड़ जाएगा।’

भाषा शुभम सुरेश

सुरेश