श्रीलंका के सांसदों ने पेंशन रद्द करने के पक्ष में किया मतदान

श्रीलंका के सांसदों ने पेंशन रद्द करने के पक्ष में किया मतदान

श्रीलंका के सांसदों ने पेंशन रद्द करने के पक्ष में किया मतदान
Modified Date: February 18, 2026 / 10:00 am IST
Published Date: February 18, 2026 10:00 am IST

कोलंबो, 18 फरवरी (एपी) श्रीलंका के सांसदों ने अपनी पेंशन रद्द करने के पक्ष में मंगलवार को भारी बहुमत से मतदान किया।

यह कदम देश में आर्थिक संकट के कारण फैली नाराजगी के बाद मौजूदा सरकार द्वारा किए गए एक प्रमुख चुनावी वादे को पूरा करने के प्रयास के तहत उठाया गया है।

सांसदों ने 225 सदस्यीय सदन में 154 मतों से विधेयक पारित कर दिया, जबकि केवल दो मत इसके विरोध में पड़े। शेष विधायक मतदान के दौरान अनुपस्थित रहे।

इससे पहले श्रीलंका में सांसद पांच साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद पेंशन पाने के हकदार होते थे। नए कानून के तहत, जो लोग पहले से ही पेंशन प्राप्त कर रहे हैं या इसके लिए पात्र हैं, उन्हें भी पेंशन का भुगतान नहीं किया जाएगा।

वर्ष 2024 में चुने गए राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके ने अपने चुनाव अभियान के दौरान पेंशन संबंधी प्रावधान को समाप्त करने का वादा किया था।

इसी तरह दिसानायके सरकार ने जनता की मांग पर पूर्व राष्ट्रपतियों को मिलने वाली सुविधाओं को सितंबर में समाप्त कर दिया। इनमें आवास, भत्ते, पेंशन और परिवहन के लिए सरकारी अनुदान शामिल थे।

विधि मंत्री हर्षना नानायक्कारा ने संसद में पेंशन संबंधी विधेयक पेश करते हुए कहा कि चुनावी वादा पूरा किया गया है और सांसदों को ऐसे समय में पेंशन प्राप्त करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है जब देश अपने सबसे बुरे आर्थिक संकट से उबरने के लिए संघर्ष कर रहा है।

श्रीलंका ने 83 अरब डॉलर से अधिक का कर्ज होने पर अप्रैल 2022 में खुद को दिवालिया घोषित कर दिया था। इसमें से आधे से अधिक कर्ज विदेशी लेनदारों का है।

भाषा सिम्मी शोभना

शोभना


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