russia-ukraine war: यूक्रेन में हजारों भारतीय अभी भी कई शहरों में फंसे हुए हैं। इस बीच यूक्रेन से आए एक वीडियो में दावा किया गया है कि कुछ भारतीय लड़कियों को रूसी सेना अपने साथ ले गई, जबकि ग्रुप में शामिल लड़कों को वहीं पर छोड़ दिया। उनकी जान को खतरा है। वहीं बंकर में फंसे एक छात्र ने बताया कि हमले से बच भी गए तो अब हम भूख से मरेंगे। हमें जल्द मदद पहुंचाएं। वहीं कीव से कर्फ्यू हटते ही स्पेशल ट्रेन शुरू हो गई हैं। इससे फंसे छात्रों में वापसी की उम्मीद बढ़ गई है।
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यूक्रेन की राजधानी कीव से बड़ी खबर यह है कि सोमवार सुबह कर्फ्यू हटाकर भारतीय छात्रों को बाहर निकालने के लिए स्पेशल ट्रेन शुरू की गई है। जो दोपहर 12.30 बजे रोमानिया बार्डर के लिए निकली है। बंकर में फंसे स्टूडेंट्स के लिए यह निश्चित ही राहत की खबर है। दरअसल, कीव, खारकीव और आसपास के शहरों में रूस और यूक्रेन की सेना के बीच गोलीबारी के साथ ही बमबारी भी हो रही है। रविवार को कीव के एक मेडिकल कॉलेज के सामने धमाका होने के बाद से इंडियन स्टूडेंट्स दहशत में आ गए हैं। बंकर में उन्हें खाने-पीने जैसी जरूरी चीजों के लिए भी दिक्कतें होने लगी है।
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यूक्रेन के कीव में फंसे CG के साथ ही इंडियन स्टूडेंट को आज सुबह खबर मिली है कि यूक्रेन की टाइमिंग के अनुसार सुबह 9 बजे उन्हें बाहर निकालने के लिए स्पेशल ट्रेने चलाई जा रही है। लिहाजा, उन्हें रेलवे स्टेशन पहुंचने की सलाह दी गई है। यानि की भारत के समय दोपहर करीब 12.30 बजे बच्चों को रेलवे स्टेशन पहुंचना है। यही वजह है के स्टूडेंट्स बंकर से बाहर निकलकर हॉस्टल से अपने अपना सामान समेट कर रेलवे स्टेशन की तरफ निकल गए हैं।
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यूक्रेन के कीव में फंसी लखनऊ की गरिमा मिश्रा ने अपनी दोस्त करनाल की रक्षिता को एक वीडियो भेजा है। इसमें गरिमा बहुत डरी हुई दिख रही हैं। वीडियो में गरिमा यह दावा करती दिख रही है कि बस व कैब में निकले कुछ छात्रों को रूसी सेना ने रोका और लड़कियों को अपने साथ लेकर कहीं गए। सेना ने फायरिंग भी की। आगे गरिमा कहती हैं कि वहां इस समय जान का खतरा है। हम कीव में चारों तरफ से घिर चुके हैं। सके बाद से लगातार हम एम्बेसी को कॉल कर रहे हैं। लेकिन वहां कोई कॉल नहीं उठा रही है।
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गरिमा ने बताया कि कल रात को कुछ लोग आए। उन्होंने जबरदस्त हंगामा किया और उनके गेट को तोड़ दिया। उसके बाद अंदर आने की भी कोशिश की। ऐसी स्थिति के बाद सोचा कि यहां से निकल जाते हैं। हमारे पास ट्रेन, बस व कार का ही विकल्प है। इन्हीं में कुछ छात्र कीव से बस व कैब में निकले थे। लेकिन रूसी सेना ने उन्हें रोका, गोलियां चलाईं और भारतीय लड़कियों को साथ लेकर गए। वीडियो में वह कह रही है, योगी जी, मोदी जी हमें बचाओ। रो-रोकर बुरा हाल है।
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करनाल के देव मदान ने एक वीडियो में बताया कि यूक्रेन के डिनेपर में स्थिति भयानक हो गई है। भारतीय छात्रों को अब ज्यादातर समय हॉस्टल के बंकर में गुजारना पड़ रहा है। उन्हें रात को अपना स्थान छोड़कर भागना भी पड़ रहा है। रात को बंकर में करीब 500 छात्र रहे। वहां पर खाने की व्यवस्था नहीं थी, अंधेरा छाया रहा। हर छात्र डरा हुआ है। हर घंटे सायरन बज रहे हैं। हमें बताया गया है कि सायरन बजते ही सभी बंकर में जाएंगे। सायरन का मतलब यहां पर खतरा है यानी अटैक होने वाला है। पूरी रात बंकर में गुजारी है। देव ने बताया कि यहां पर खाने की कोई व्यवस्था नहीं है। किसी तरह हमले से बच गए तो भूख से मरना पड़ेगा। किसी भी प्रकार की कोई हेल्प नहीं मिल रही है। सभी भारतीय परेशान हैं।
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हरियाणा के पलवल की महिमा यूक्रेन में बुकोविनिन यूनिवर्सिटी (चरनी विक्सी) से MBBS कर रही है। वह रविवार घर लौटी तो बेटी को देखकर परिजन भावुक हो गए। इस दौरान महिमा ने यूक्रेन में बिगड़ते हालत और वहां फंसे छात्रों को लेकर अहम जानकारी दी। महिमा ने बताया कि यूक्रेन में फंसे बच्चे तनाव और दहशत में हैं। वह किसी भी हालत में घर लौटना चाहते हैं। वैसे तो बच्चे सुरक्षित स्थानों पर हैं, लेकिन सब डर के मारे बाहर नहीं निकल रहे। वहां छात्र घर, बंकरों व यूनिवर्सिटी के हॉस्टलों में कैद रहने को मजबूर हैं। महिमा ने की यूक्रेन में फंसे छात्रों को सुरक्षित लाने में केंद्र सरकार ने जो पहल की है, उससे छात्रों ने जहां राहत की सांस ली है, उनकी उम्मीदें भी बढ़ी हैं।
छात्रा महिमा ने बताया कि जो बस उन्हें यूनिवर्सिटी से लेकर चली थी उस पर भारत का तिरंगा झंड़ा लगा हुआ था और आगे-पीछे पुलिस की गाड़ियां चल रही थी। जब उनकी बस रोमानिया एयरपोर्ट पर पहुंची तो उन्हें चॉकलेट देकर उनका स्वागत किया और फ्लाइट में बैठाकर भारत भेज दिया।